Tuesday, 15 September 2026 | 4:20 AM
भारत

बाढ़ की स्थिति को भूलकर असम के सीएम मदरसों को लेकर चिंतित : ओवैसी

असम में चारों ओर भारी बारिश और बाढ़ से भारी तबाही का मंजर देखने को मिल रही है। राज्य बाढ़ और भूस्खलन की दोहरी मार लोग झेल रहे हैं। वहीं किसानों के पर बड़ा कहर बरपा है, जिसमें बाढ़ के कारण फसलें बर्बाद हो रही हैं। बता दें कि असम के 34 जिलों में से 22 जिलें गंभीर रूप से बाढ़ग्रस्त हैं। ऐसी गंभीर स्थिति मे
Share:
बाढ़ की स्थिति को भूलकर असम के सीएम मदरसों को लेकर चिंतित : ओवैसी
Read in your preferred language.

असम में चारों ओर भारी बारिश और बाढ़ से भारी तबाही का मंजर देखने को मिल रही है। राज्य बाढ़ और भूस्खलन की दोहरी मार लोग झेल रहे हैं। वहीं किसानों के पर बड़ा कहर बरपा है, जिसमें बाढ़ के कारण फसलें बर्बाद हो रही हैं। बता दें कि असम के 34 जिलों में से 22 जिलें गंभीर रूप से बाढ़ग्रस्त हैं। ऐसी गंभीर स्थिति में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर जमकर निशाना साधा है, जिसमें उन्होंने कहा, 'असम में बाढ़ से 18 लोगों की जान चली गई लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री मदरसों को लेकर चिंतित हैं। मदरसों के लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। मदरसे विज्ञान, गणित और अन्य विषय पढ़ाते हैं। उन्हें (भाजपा) सिर्फ इस्लाम और मुसलमानों से नफरत है।'
आपको बता दें कि ओवैसी की यह टिप्पणी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के एक बयान के बाद आई, जिसमें सीएम सरमा ने रविवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा था कि मदरसा शब्द का अब अस्तित्व समाप्त होना चाहिए और स्कूलों में सभी के लिए सामान्य शिक्षा पर जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा था कि जब तक मदरसा शब्द रहेगा तब तक बच्चे डाक्टर और इंजीनियर बनने के बारे में नहीं सोच पाएंगे

ज्ञात हो कि असम के 34 में से 22 जिलों में 7.19 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। एएसडीएमए की विज्ञप्ति में 22 जिलों के 2,095 गांवों के 1,41,050 बच्चों सहित कुल 7,19,425 लोग प्रभावित हुए हैं। इसने कहा कि आपदा प्रतिक्रिया बलों और स्वयंसेवकों की मदद से कुल 26,489 फंसे हुए लोगों को निकाला गया है। सभी प्रभावित क्षेत्रों में कुल 624 राहत शिविर और 729 राहत वितरण केंद्र खोले गए हैं। कुल 1,32,717 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। 1,30,596.12 हेक्टेयर से अधिक फसल प्रभावित हुई है।