Tuesday, 15 September 2026 | 12:11 PM
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जौनपुर :लेदुका होम्योपैथिक चिकित्सालय का भवन जर्जर,समाजसेवी सुजीत मौर्य ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर नये भवन की, की मांग

जौनपुर। जनपद के लेदुका स्थित राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय का भवन वर्तमान में किसी खंडहर में तब्दील हो चुका है। अस्पताल की छत का प्लास्टर पूरी तरह गिर चुका है और छत की लोहे की सरिया (Rods) पूरी तरह जंग खा रही हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि यहाँ कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है और किसी की जान जा सकती है
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जौनपुर :लेदुका होम्योपैथिक चिकित्सालय का भवन जर्जर,समाजसेवी सुजीत मौर्य ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर नये भवन की, की मांग
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जौनपुर। जनपद के लेदुका स्थित राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय का भवन वर्तमान में किसी खंडहर में तब्दील हो चुका है। अस्पताल की छत का प्लास्टर पूरी तरह गिर चुका है और छत की लोहे की सरिया (Rods) पूरी तरह जंग खा रही हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि यहाँ कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है और किसी की जान जा सकती है।
डॉ. अम्बेडकर युवा समिति के अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता सुजीत मौर्य ने अस्पताल की जर्जर तस्वीरों को सार्वजनिक करते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मौर्य ने बताया कि— "अस्पताल का भवन पूरी तरह असुरक्षित घोषित होने के लायक है। बारिश में दवाइयां और सरकारी रिकॉर्ड भीग जाते हैं। ग्रामीण इलाज के लिए अंदर आने से कतराते हैं क्योंकि छत के सीमेंट के टुकड़े अक्सर गिरते रहते हैं।"
समिति IGRS के माध्यम से शिकायत की, (IGRS सं. 20019425030275), विभाग ने खुद स्वीकार किया है कि भवन खराब है, लेकिन "भूमि उपलब्ध न होने" का तकनीकी बहाना बनाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन किसी कर्मचारी या मरीज की मौत के बाद ही जागेगा?
सुजीत मौर्य ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर भूमि आवंटन और भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।