Friday, 09 October 2026 | 3:49 AM
उत्तर प्रदेश

जौनपुर :कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा में पान उत्पादक कृषकों हेतु गोष्ठी का आयोजन

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जौनपुर :कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा में पान उत्पादक कृषकों हेतु गोष्ठी का आयोजन
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जौनपुर :
                 उद्यान विभाग द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र, बक्शा में पान उत्पादक कृषकों के हित में कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का उद्देश्य पान उत्पादकों को गुणवत्तायुक्त पान उत्पादन, उन्नत उत्पादन तकनीक, रोग एवं व्याधि नियंत्रण तथा विभागीय योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध अनुदान एवं सुविधाओं की जानकारी प्रदान करना रहा।
                 कार्यक्रम में, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री मिथिलेश सिंह एवं श्री सदस्य जिला कार्यकारिणी समिति भाजपा आर.के. उपाध्याय की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन पीडी आत्मा, कृषि विभाग से श्री रमेश चंद्र यादव जी द्वारा किया गया। गोष्ठी में प्रगतिशील पान उत्पादक कृषक श्री कालिका चौरसिया सहित अन्य कृषक उपस्थित रहे।
                इस अवसर पर जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सीमा सिंह राणा द्वारा गुणवत्तायुक्त पान उत्पादन प्रोत्साहन योजना के संबंध में कृषकों को अनुदान से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में भी कृषकों को अवगत कराया गया तथा बीज का वितरण कराया गया।
                कृषकों को एमआइडीएच एकीकृत बागवानी विकास मिशन तथा पीडीएमसी योजना के अंतर्गत मिलने वाली सुविधाओं एवं अनुदान के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।
                 इसके साथ ही कृषकों को शीतगृह भंडार प्रभार अनुदान योजना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि आलू की निकासी पर रू100 प्रति कुंतल की दर से अनुदान दिया जा रहा है। इच्छुक आलू उत्पादक कृषक potato.uphorticulture.in पोर्टल पर पंजीकरण कराकर आवश्यक अभिलेख कार्यालय में प्रस्तुत कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

                डॉ. राजीव सिंह द्वारा पान की उन्नत उत्पादन तकनीक एवं गुणवत्तायुक्त उत्पादन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। वहीं डॉ. आर.के. सिंह एवं श्री सुरेंद्र सोनकर जी द्वारा पान की फसल में लगने वाले विभिन्न रोग एवं व्याधियों की पहचान, रोकथाम एवं नियंत्रण के उपायों के बारे में कृषकों को जानकारी दी गई।
              इसके अतिरिक्त आगामी रबी फसलों की उत्पादन तकनीक, फसल प्रबंधन एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के संबंध में भी कृषकों को विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।
             कार्यक्रम के अंत में कृषकों से विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा वैज्ञानिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर पान सहित अन्य फसलों की उत्पादकता एवं गुणवत्ता बढ़ाने का आह्वान किया गया।