Monday, 14 September 2026 | 11:59 PM
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जौनपुर: राजेश की मुहिम रंग लाई,खुशी की सहायता को लोगों ने बढ़ाये हाथ

जौनपुर।मैं अकेला ही चला था मंजिले जानिब को मगर,लोग मिलते गए और कारवां बन गया।उक्त लाइनें चर्चित समाजसेवी राजेश कुमार पर एकदम सटीक बैठती है।कुछ ऐसा ही वाक्य गत सप्ताह हुआ जब लाइन बाजार की रहने वाली एक किशोरी खुशी जैस्वाल दुर्भाग्यवश एक बाइक की चपेट में आकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई है और उसके बाएं तरफ का
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जौनपुर: राजेश की मुहिम रंग लाई,खुशी की सहायता को लोगों ने बढ़ाये हाथ
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जौनपुर।मैं अकेला ही चला था मंजिले जानिब को मगर,लोग मिलते गए और कारवां बन गया।उक्त लाइनें चर्चित समाजसेवी राजेश कुमार पर एकदम सटीक बैठती है।कुछ ऐसा ही वाक्य गत सप्ताह हुआ जब लाइन बाजार की रहने वाली एक किशोरी खुशी जैस्वाल दुर्भाग्यवश एक बाइक की चपेट में आकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई है और उसके बाएं तरफ का पैर कई जगह से टूट गया है और और उसका प्लीहा भी चोटिल हो गया है आंत भी फट गई।परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत ज्यादा खराब होने के कारण उसके माता पिता इलाज हेतु दर-दर भटक रहे थे किसी तरह से शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज शुरू हुआ लेकिन आर्थिक स्थिति बहुत खराब होने की वजह से इलाज करवाने में बहुत मुश्किल का सामना करना पड़ रहा था ।जैसे ही इसकी जानकारी समाजसेवी राजेश को पता लगी वे फौरन अस्पताल में जाकर के उसे बेटी के इलाज हेतु स्वयं आर्थिक सहायता किया व वीडियो बनाकर के शहर के लोगों से अपील किया। जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर चारों तरफ फैला और कई संस्था अध्यक्षों व अन्य लोगों ने खुद ही मुझे फोन करके बुला करके दान किया जिसे किशोरी के माता पिता को दे दिया गया।धीरे धीरे बिटिया की मदद करने वाले लोगों का तांता लग गया ।

सवांददाता: कमल मौर्य