जौनपुर :जिला उद्यान अधिकारी ने अवगत कराया है कि जनपद में अब गरीब और छोटे किसान भी मशरूम की खेती कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उद्यान विभाग की ओर से मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत झोपड़ी में मशरूम उगाने वालों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह योजना खासतौर से उन लोगो के लिए फायदेमंद साबित होगी। जो सीमित संसाधनों के चलते खेती में निवेश नहीं कर पाते। इस योजना का उद्देश्य न केवल मशरूम की पैदावार बढ़ाना है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब एवं बेरोजगार लोगो को आय का साधन भी उपलब्ध कराना है। मशरूम उत्पादन एक ऐसी कृषि गतिविधि है, जिसे कम जगह और कम खर्च में भी शुरू किया जा सकता है। इस योजना में झोंपड़ी बनाने, बीज, खाद, उपकरण और अन्य जरूरी सामग्री खरीदने के लिए सरकार एक लाख रूपये सहायता देगी। मशरूम न केवल आय का श्रोत है बल्कि पोषण से भरपूर भी होता है। इसमें प्रोटीन, फाइबरें, बिटामिन एवं खनिज तत्व भरपूर मा़त्रा में पाये जाते है। जो स्वास्थ के लिए लाभकारी है। सरकार की यह पहल न केवल लोगो को रोजगार देगी बल्कि पोषण सुऱक्षा की दिशा में भी एक ठोस कदम मानी जा रही है।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ सीमा सिंह राणा ने बताया कि मशरूम की खेती से सीमित जमीन वाले किसानो और बेरोजगार युवाओं को लाभ मिलेगा। विभाग की योजना है कि ज्यादा से ज्यादा लोगो के इससे जोड़ा जाये इसके लिए गांव-गांव जा कर जागरूकता अभियान चलाया जायेंगा। बताया गया कि मशरूम उत्पादन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कम लागत में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। झोपड़ी में उपयुक्त तापमान और नमी बनायें रखने पर साल भर मशरूम की फसल ली जा सकती है। इसकी बाजार में भारी मांग है, और स्वास्थ लाभों के चलते लोग इसे तेजी से अपना रहें है। बताया कि वर्तमान में लगभग 18 किसान मशरूम की खेती कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश
जौनपुर :जिला उद्यान अधिकारी ने किसानो को मशरूम की खेती से आय बढ़ाने का बताया अच्छा तरीका
जौनपुर :जिला उद्यान अधिकारी ने अवगत कराया है कि जनपद में अब गरीब और छोटे किसान भी मशरूम की खेती कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उद्यान विभाग की ओर से मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत झोपड़ी में मशरूम उगाने वालों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह योजना
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