Tuesday, 15 September 2026 | 3:30 AM
उत्तर प्रदेश

पीलीभीत में अपर सत्र न्यायाधीश अनु सक्सेना ने दोषी को नौ वर्ष कैद की सजा सुनाई है, साथ ही 40 हजार रुपये जुर्माना ?

थाना बरखेड़ा के ग्राम चिनौरा निवासी भूपराम की पत्नी मोहन देवी ने 23 जुलाई 2015 को बरखेड़ा थाने पर तहरीर देकर बताया कि उसके पुत्र सत्यपाल को गांव का ही युवक सत्यपाल ट्रक पर साथ चलने के लिए घर से बुलाकर ले गया। कई दिन बाद सत्यपाल गांव वापस आ गया, लेकिन उसका पुत्र सत्यपाल वापस नहीं आया। मोहन देवी ने जब
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पीलीभीत में अपर सत्र न्यायाधीश अनु सक्सेना ने दोषी को नौ वर्ष कैद की सजा सुनाई है, साथ ही 40 हजार रुपये जुर्माना ?
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थाना बरखेड़ा के ग्राम चिनौरा निवासी भूपराम की पत्नी मोहन देवी ने 23 जुलाई 2015 को बरखेड़ा थाने पर तहरीर देकर बताया कि उसके पुत्र सत्यपाल को गांव का ही युवक सत्यपाल ट्रक पर साथ चलने के लिए घर से बुलाकर ले गया। कई दिन बाद सत्यपाल गांव वापस आ गया, लेकिन उसका पुत्र सत्यपाल वापस नहीं आया। मोहन देवी ने जब उससे अपने पुत्र के वापस न आने का कारण पूछा तो उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। तब उसने अपने पुत्र को मार डालने की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी।

मुकदमा दर्ज न होने पर उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर आरोपी सत्यपाल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की तो आरोप सही पाए गए। न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अनु सक्सेना ने पत्रावली का अवलोकन करने, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए साक्ष्यों और गवाहों के बयानात के आधार पर आरोपी पर दोष सिद्ध होना पाते हुए सजा सुनाई।