Tuesday, 15 September 2026 | 3:24 AM
भारत

पाकिस्तान की संसद में पूर्व पीएम अब्बासी ने स्पीकर को जूतों से मारने की दी धमकी

फ्रांसीसी राजदूत के निष्कासन को लेकर चल रही चर्चा के बीच पाकिस्तान की संसद मंगलवार को जंग का मैदान बन गई. कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) की मांग पर इमरान सरकार संसद में विशेष प्रस्ताव लाई है. इसी पर चर्चा के दौरान यहां मर्यादाएं टूटने के वाकये सामने आए. पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकान
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पाकिस्तान की संसद में पूर्व पीएम अब्बासी ने स्पीकर को जूतों से मारने की दी धमकी
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फ्रांसीसी राजदूत के निष्कासन को लेकर चल रही चर्चा के बीच पाकिस्तान की संसद मंगलवार को जंग का मैदान बन गई. कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) की मांग पर इमरान सरकार संसद में विशेष प्रस्ताव लाई है. इसी पर चर्चा के दौरान यहां मर्यादाएं टूटने के वाकये सामने आए. पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने स्पीकर असर कैसर को जूतों से मारने तक की धमकी दे डाली.

इसके बाद सत्तारूढ़ पार्टी पीटीआई ने भी सदन में हंगामा कर दिया. इसके बाद संसद को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया. PTI सांसद अमजद अली खान ने फ्रांसीसी मैगजीन शार्ली एब्दो में छपे विवादित व ईशनिंदा वाले कार्टून के खिलाफ प्रस्ताव सदन में रखा. इसके बाद संसदीय मामलों के मंत्री मुहम्मद खान ने स्पीकर से विशेष समिति गठित करने के लिए प्रस्ताव को पेश किया. इसके बाद स्पीकर कैसर ने ध्वनि मत से इसे मंजूरी दे दी.

इसके बाद विपक्ष में बैठे पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी नाराज हो गए और अपनी सीट से खड़े हो गए. समिति बनाने के फैसले पर नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन ने कड़ा विरोध किया. मगर स्पीकर ने उनकी बात को अनसुना कर दिया. अब्बासी ने निवेदन किया कि इस फैसले के लिए एक घंटे का समय दिया जाए ताकि समीक्षा की जा सके. मगर अब्बासी की इस मांग को खारिज कर दिया गया.

इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी आग बबूला हो गए. उन्होंने संसद के वेल में जाकर हंगामा शुरू कर दिया. इस बीच स्पीकर ने अब्बासी को अपने पास बुलाया, लेकिन वह गुस्सा गए. भड़के अब्बासी ने स्पीकर को कह डाला कि आपको शर्म नहीं आती क्या? जूते उतारकर मारूंगा. इसके बाद स्पीकर कैसर का भी पारा चढ़ गया. उन्होंने कहा कि अपनी हद में रहें. पाकिस्तान में बीते एक हफ्ते TLP के समर्थकों ने जमकर हिंसक प्रदर्शन किया. अपने प्रमुख साद रिजवी की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थक गुस्सा गए थे. इन लोगों ने दर्जनों पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया था और कई पुलिसकर्मियों को बंधक भी बना दिया था. केंद्रीय शिक्षा मंत्री शफकत महमूद ने अब्बासी की अभद्र भाषा को लेकर आलोचना की है.