Tuesday, 15 September 2026 | 12:29 AM
उत्तर प्रदेश

ओडिशा-महाराष्ट्र की मिट्‌टी से बनेगी इकाना की नई पिच, पढ़िए रिपोर्ट

IPL 2023 से लखनऊ का इकाना स्टेडियम चर्चा में है। वजह स्टेडियम की पिच है। IPL के अब तक 6 मैचों में धुरंधर खिलाड़ी चौका-छक्का बड़ी मुश्किल से लगा सके। वो एक-एक रन के लिए जूझते दिखे। आलम यह है कि लखनऊ की टीम अपने ही घर में 126 और 135 रन का आसान स्कोर भी अचीव नहीं कर सकी। ऐसे में अब ‌‌‌‌BCCI ने पिच को लेक
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ओडिशा-महाराष्ट्र की मिट्‌टी से बनेगी इकाना की नई पिच, पढ़िए रिपोर्ट
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IPL 2023 से लखनऊ का इकाना स्टेडियम चर्चा में है। वजह स्टेडियम की पिच है। IPL के अब तक 6 मैचों में धुरंधर खिलाड़ी चौका-छक्का बड़ी मुश्किल से लगा सके। वो एक-एक रन के लिए जूझते दिखे। आलम यह है कि लखनऊ की टीम अपने ही घर में 126 और 135 रन का आसान स्कोर भी अचीव नहीं कर सकी।

ऐसे में अब ‌‌‌‌BCCI ने पिच को लेकर बड़ा फैसला लिया है। IPL के बाद BCCI पिच की खुदाई कराएगी। ओडिशा और महाराष्ट्र की मिट्‌टी से नई पिच तैयार की जाएगी। पिच बनाने की जिम्मेदारी BCCI के पिच क्यूरेटर तापस चटर्जी को मिली है। जबकि इकाना के पिच क्यूरेटर समंदर सिंह उनकी मदद करेंगे। जिससे यहां पर वर्ल्ड कप के मैच कराए जा सकें।

दरअसल, सबसे पहले अफ्रीका की टीम ने पिच को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद हार्दिक पांड्या और गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे ने पिच को खराब बताया। वहीं, ICC ने भी इकाना की पिच को खराब रैंकिंग दी थी। उसकी वजह से पिच क्यूरेटर को भी हटा दिया गया था। इसके बाद पिच में कुछ सुधार किया था, लेकिन अभी IPL में हुए मैचों में मिनिमम स्कोर चेज न होने पर पिच फिर से सवालों के घेरे में आ गई।
सूत्रों से पता चला है कि BCCI के क्यूरेटर्स ने UPCA को बताया था कि पिच का रिनोवेशन करना होगा। इसके लिए इसी साल फरवरी के पहले हफ्ते में ही कॉन्ट्रैक्टर को ठेका दिया गया था। घास लगाने के बाद पिच को सेटल होने में करीब 6 हफ्ते लगते हैं। इस दौरान पिच की अच्छी से निगरानी और देखरेख करनी होती है।

UPCA ने इस पर पैसा तो काफी खर्च किया, लेकिन जैसे ही कॉन्ट्रैक्ट किसी और को दिया गया, तो किसी ने इस पिच पर ध्यान नहीं दिया। यही कारण रहा कि पिच ठीक नहीं हो पाई। तब तक यहां पर IPL के मैच शेड्यूल हो गए।
सूत्रों का कहना है कि इकाना के क्यूरेटर सुरेंद्र सिंह को मुख्य ग्राउंड से हटा कर इकाना दो की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन, इसके बाद भी वह मुख्य ग्राउंड के पिच के आस-पास घूमते रहते हैं। इकाना से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इसमें उनका हस्तक्षेप भी काफी ज्यादा रहता है। ऐसे में कई बार काम नहीं हो पाता है।

जबकि UPCA का अपना क्यूरेटर भी है, लेकिन उसको नहीं लाया जाता है। बताया जा रहा है कि इसमें भुगतान के लेबल पर बड़ी धांधली करने के लिए ऐसा किया जाता है। हालांकि अभी ऐसा कोई मामला कभी संज्ञान में नहीं आया है।
रणजी में यूपी का प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व खिलाड़ी अशोक बांबी का कहना है कि इकाना की खराब पिच के कारण ही कम स्कोर हो रहे हैं। खिलाड़ियों और पत्रकारों के एक वॉट्सऐप ग्रुप पर उन्होंने इसको लेकर अपनी पूरी बात रखी है। उनका कहना है कि यह पिच इस लायक नहीं है कि इस पर टी 20 के मैच हो।
बताया कि सारा दोष पिच क्यूरेटर का है। उसे पिछले साल ही पिच की मिट्‌टी बदलवानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। पिच के कारण जहां खिलाड़ियों का प्रदर्शन खराब हो रहा है। वहीं, दर्शकों को भी घोर निराशा हो रही है।
दलील है कि इस तरह की भयंकर लापरवाही के कारण लखनऊ के इकाना में होने वाले आगे के मैचों पर बीसीसीआई अंकुश भी लगा सकता है। IPL के बाद तुंरत पिच की मिट्‌टी को बदल कर इसको सही करना चाहिए। ऐसा नहीं किया गया तो इसके अविश्वसनीय घातक परिणाम हो सकते हैं।
एक मई को मैच देखने आए आशीष राय बताते हैं कि टी- 20 में सबसे सस्ता टिकट 3000 रुपए का मिलता है। अब इस तरह टिकट लेकर कोई मैच देखने आता है तो चौके-छक्के की उम्मीद करता है। लेकिन ऐसा नहीं होता है तो निराशा हाथ लगती है। आशीष की तरह आजमगढ़ से आए राजकुमार, लखनऊ के विपिन समेत कई लोगों ने हजारों रुपए खर्च कर टिकट लिया कि एक बेहतरीन मैच देखने को मिलेगा। लेकिन मैच काफी बोरिंग रहा।
अक्टूबर-नवंबर में होने वाले वर्ल्ड कप मैचों की मेजबानी के लिए लखनऊ को भी चुना गया है। माना जा रहा है कि कम से कम 3 या 4 मैच की मेजबानी इकाना को मिल सकती है। लेकिन ऐसी पिच रही तो मैच कैंसिल हो सकता है।

वहीं, अगर मैच होते हैं तो बीसीसीआई और ICC मुनाफा भी देखते हैं। अब ऐसे में अगर खराब पिच रही तो दर्शकों की संख्या पर असर पड़ेगा। मैच की लोकप्रियता कम होगी। इससे असर सीधा मुनाफे पर पड़ेगा। ऐसे में ICC और BCCI कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है।