Tuesday, 15 September 2026 | 4:53 AM
उत्तर प्रदेश

पीलीभीत में कटान न रुका तो नाले से मिल जाएगी शारदा नदी, हालात हो जाएंगे भयावह

पूरनपुर में जलस्तर कम होने के बाद शारदा नदी के तेजी से कटान करते हुए आबादी की ओर बढ़ने का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। करीब तीन एक एकड़ फसल नदी में समा गई। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड ने शनिवार को फिर से बंबूक्रेट लगाने का काम शुरू कर दिया। नदी जिस तेजी से कटान कर रही है, उससे एक-दो दिन में कच्चा र
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पीलीभीत में कटान न रुका तो नाले से मिल जाएगी शारदा नदी, हालात हो जाएंगे भयावह
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पूरनपुर में जलस्तर कम होने के बाद शारदा नदी के तेजी से कटान करते हुए आबादी की ओर बढ़ने का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। करीब तीन एक एकड़ फसल नदी में समा गई। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड ने शनिवार को फिर से बंबूक्रेट लगाने का काम शुरू कर दिया। नदी जिस तेजी से कटान कर रही है, उससे एक-दो दिन में कच्चा रास्ता काटकर नदी के नाले से मिल जाने की आशंका है। इसे लेकर गांव राहुलनगर और चंदिया हजारा के लोग भयभीत हैं।

बुधवार रात को जलस्तर कम होने के बाद बृहस्पतिवार से नदी तेजी से कटान कर रही है। शनिवार को भी कटान की गति तेज रही। तपन हलधर, शंभू सरकार, प्रेम मंडल की तीन एकड़ गन्ना की फसल नदी में समा गई है। प्रधान वासुदेव कुुुंडू ने बताया कि अगर इसी गति से कटान होता रहा तो एक-दो दिन में कच्चा रास्ता काटकर नदी नाले से मिल जाएगी। इससे राहुलनगर, चंदिया हजारा में कृषि भूमि का कटान तेज हो जाएगा। आबादी को भी खतरा बढ़ जाएगा।

कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से कराए जा रहे काम जलस्तर बढ़ने पर मंगलवार को बंद कर दिए थे। शनिवार को बाढ़ खंड के अफसरों ने कटान रोकने के लिए फिर से बंबूक्रेट लगवाने शुरू कर दिए हैं। इससे कटान की गति थमने की उम्मीद है। पूर्व प्रधान कुमुद रंजन राय ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर तेजी से हो रहे कटान को रोकने के लिए ठोस इंतजाम कराने को कहा है। उनका कहना है कि कटान न रुका तो क्षेत्र में तबाही मच जाएगी। करीब 20 हजार लोगों को बेघर होना पड़ेगा।