Tuesday, 15 September 2026 | 4:30 AM
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मुज़फ्फरनगर में इतिहास रचा: चंद्रशेखर आज़ाद ‘रावण’ की संविधान बचाओ–भाईचारा बनाओ महारैली में उमड़े लाखों लोग

मुज़फ्फरनगर:(द दस्तक 24 न्यूज़) 26 नवम्बर 2025 संविधान दिवस के अवसर पर आज मुज़फ्फरनगर की धरती एक ऐतिहासिक जनसैलाब की गवाह बनी। भीम आर्मी प्रमुख व आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद उर्फ रावण के नेतृत्व में आयोजित “संविधान बचाओ, भाईचारा बनाओ महारैली” में लाखों की भीड़ उमड़ पड़ी। ह
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मुज़फ्फरनगर में इतिहास रचा: चंद्रशेखर आज़ाद ‘रावण’ की संविधान बचाओ–भाईचारा बनाओ महारैली में उमड़े लाखों लोग
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मुज़फ्फरनगर:(द दस्तक 24 न्यूज़) 26 नवम्बर 2025 संविधान दिवस के अवसर पर आज मुज़फ्फरनगर की धरती एक ऐतिहासिक जनसैलाब की गवाह बनी। भीम आर्मी प्रमुख व आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद उर्फ रावण के नेतृत्व में आयोजित “संविधान बचाओ, भाईचारा बनाओ महारैली” में लाखों की भीड़ उमड़ पड़ी। हाथों में तिरंगा और संविधान की प्रति लिए लोगों ने एक स्वर में संविधान की शपथ ली और सामाजिक न्याय व भाईचारे की रक्षा का संकल्प दोहराया।

संविधानवादियों की अभूतपूर्व एकता

रैली स्थल पर जितनी भीड़ थी, उससे कहीं अधिक ऊर्जा, अनुशासन और एकजुटता दिखाई दी। छात्र, नौजवान, महिलाएं, बुजुर्ग और कार्यकर्ता—हर वर्ग के लोगों ने अपनी उपस्थिति से यह साबित किया कि संविधान के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए समाज पहले से अधिक जागरूक और संगठित है।

चंद्रशेखर आज़ाद ने अपने संबोधन में कहा कि,“जब जनता संविधान के लिए निकलती है, तब इतिहास बदलता है। यह आंदोलन शुरुआत है—अब इसे कोई रोक नहीं सकता।”

उन्होंने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह भीड़ नहीं बल्कि चेतना है, संकल्प है और नए सामाजिक आंदोलन का उदय है।

संविधान की शपथ—देश तक पहुंचा संदेश

रैली के दौरान लाखों लोगों ने सामूहिक रूप से यह शपथ दोहराई कि वे संविधान की रक्षा करेंगे, भाईचारा मजबूत करेंगे, और किसी भी अत्याचार के खिलाफ अहिंसक व लोकतांत्रिक तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

इस सामूहिक शपथ ने पूरे देश में एक स्पष्ट संदेश भेजा—“हम अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ेंगे, लेकिन लड़ेंगे संविधान की रोशनी में।”

सामाजिक न्याय और भाईचारा आंदोलन को नई दिशा

महारैली ने साफ कर दिया कि जनता अब एक नए सामाजिक व राजनीतिक परिवर्तन की चाह रखती है। भीड़ का उत्साह, भाषणों का प्रभाव और एकता का दृश्य यह महसूस करा रहा था कि सामाजिक न्याय का यह अभियान अब और मजबूत होगा।

कार्यक्रम के अंत में रैली स्थल ‘जय भीम’, ‘संविधान ज़िंदाबाद’, ‘सामाजिक न्याय अमर रहे’ और ‘जय भारत’ के नारों से गूंज उठा।