Monday, 14 September 2026 | 11:39 PM
भारत

यहां 'फैमिली एंड फ्रेंड' की है सरकार, भाजपा का ओवैसी पर वार

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर हमला करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने शनिवार को कहा, 'जिस प्रकार से भाग्यनगर का भाग्य मात्र एक परिवार और उस परिवार के दोस्त के हाथ में छोड़ा गया है व विकास को पिछले दरवाज़े से एग्ज़िट करवाया गया है। ये हैदराबाद और भाग्यनगर के लिए दुर्भाग्य का व
Share:
यहां 'फैमिली एंड फ्रेंड' की है सरकार, भाजपा का ओवैसी पर वार
Read in your preferred language.

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर हमला करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने शनिवार को कहा, 'जिस प्रकार से भाग्यनगर का भाग्य मात्र एक परिवार और उस परिवार के दोस्त के हाथ में छोड़ा गया है व विकास को पिछले दरवाज़े से एग्ज़िट करवाया गया है। ये हैदराबाद और भाग्यनगर के लिए दुर्भाग्य का विषय है। यहां की 'फैमिली एंड फ्रेंड' की सरकार के बारे में अब सब जानते हैं।' ग्रेटर हैदराबाद म्‍युनिसिपल कार्पोरेशन चुनाव के लिए कैंपेनिंग को लेकर संबित पात्रा गुरुवार को हैदराबाद पहुंचे। हैदराबाद को AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का गढ़ माना जाता है और भाजपा ओवैसी के गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश में जुटी हुई है।

1 दिसंबर को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में निकाय चुनाव है। इसके लिए भाजपा के दिग्गज नेता यहां चुनाव कैंपेन के लिए आ रहे हैं। इस क्रम में गृहमंत्री अमित शाह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम भी शामिल है। दरअसल, इस चुनाव को भाजपा दक्षिण में अपने प्रवेश का 'गेट वे' मान कर चल रही है।

बता दें कि नगर निगम के 150 वार्ड हैं जहां चुनाव का आयोजन किया जाना है। हैदराबाद को AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का गढ़ माना जाता है और बीजेपी ओवैसी के गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश में जुट गई है।

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

-क्यों न्यूज़ मीडिया संकट में है और कैसे आप इसे संभाल सकते हैं

-आप ये इसलिए पढ़ रहे हैं क्योंकि आप अच्छी, समझदार और निष्पक्ष पत्रकारिता की कद्र करते हैं. इस विश्वास के लिए हमारा शुक्रिया.

-आप ये भी जानते हैं कि न्यूज़ मीडिया के सामने एक अभूतपूर्व संकट आ खड़ा हुआ है. आप मीडिया में भारी सैलेरी कट और छटनी की खबरों से भी वाकिफ होंगे. मीडिया के चरमराने के पीछे कई कारण हैं. पर एक बड़ा कारण ये है कि अच्छे पाठक बढ़िया पत्रकारिता की ठीक कीमत नहीं समझ रहे हैं.

-द दस्तक 24 अच्छे पत्रकारों में विश्वास करता है. उनकी मेहनत का सही मान भी रखता है. और आपने देखा होगा कि हम अपने पत्रकारों को कहानी तक पहुंचाने में जितना बन पड़े खर्च करने से नहीं हिचकते. इस सब पर बड़ा खर्च आता है. हमारे लिए इस अच्छी क्वॉलिटी की पत्रकारिता को जारी रखने का एक ही ज़रिया है– आप जैसे प्रबुद्ध पाठक इसे पढ़ने के लिए थोड़ा सा दिल खोलें और मामूली सा बटुआ भी.

अगर आपको लगता है कि एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं तो नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें और हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें . आपका प्यार द दस्तक 24 के भविष्य को तय करेगा.
https://www.youtube.com/channel/UC4xxebvaN1ctk4KYJQVUL8g

आदर्श कुमार

संस्थापक और एडिटर-इन-चीफ