Tuesday, 15 September 2026 | 2:28 AM
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हरियाणा:आईपीएस वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या मामला: डीजीपी समेत 14 अधिकारियों पर केस दर्ज, पत्नी IAS अमनीत कुमार ने सीएम से की न्याय की मांग

पंचकूला:(द दस्तक 24 न्यूज़) 11 अक्टूबर 2025 हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आत्महत्या के दो दिन बाद चंडीगढ़ पुलिस ने मृतक अधिकारी के सुसाइड नोट के आधार पर हरियाणा डीजीपी शत्रुजीत कपूर, रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया सहित कुल 14 पुलिस अधिकारियों क
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हरियाणा:आईपीएस वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या मामला: डीजीपी समेत 14 अधिकारियों पर केस दर्ज, पत्नी IAS अमनीत कुमार ने सीएम से की न्याय की मांग
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पंचकूला:(द दस्तक 24 न्यूज़) 11 अक्टूबर 2025 हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आत्महत्या के दो दिन बाद चंडीगढ़ पुलिस ने मृतक अधिकारी के सुसाइड नोट के आधार पर हरियाणा डीजीपी शत्रुजीत कपूर, रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया सहित कुल 14 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), धारा 3(5), 3(1)(आर) तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

मृतक आईपीएस की पत्नी एवं आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने मामले में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलकर दो पन्नों की लिखित शिकायत सौंपी। उन्होंने मुख्यमंत्री से आरोपित अधिकारियों को निलंबित करने, गिरफ्तारी की कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की।

अमनीत कुमार ने मुख्यमंत्री को सौंपे पत्र में लिखा है कि “मेरे पति के सुसाइड नोट में जिन अधिकारियों के नाम दर्ज हैं, वे लगातार उत्पीड़न, अपमान और मानसिक प्रताड़ना का माहौल बनाते रहे। यह सुसाइड नोट मृत्यु पूर्व बयान है और इसे तत्काल कानूनी कार्रवाई के लिए निर्णायक सबूत माना जाना चाहिए।”

उन्होंने यह भी आशंका जताई कि शिकायत के बाद वरिष्ठ अधिकारी उन्हें और उनके परिवार को बदनाम करने अथवा फर्जी मामलों में फंसाने की साजिश रच सकते हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अमनीत कुमार से करीब सवा घंटे तक मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी ली। उन्होंने परिवार को सुरक्षा और न्याय का भरोसा दिलाया तथा कहा कि “किसी भी स्तर पर अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी।”

यह मामला अब राज्य प्रशासन और पुलिस व्यवस्था दोनों के लिए एक गंभीर परीक्षण बन गया है। सुसाइड नोट में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर लगे जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों ने पूरे तंत्र को सवालों के घेरे में ला दिया है।