मशहूर सिंगर भूपिंदर सिंह की 18 जुलाई यानी सोमवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। 82 साल के भूपिंदर पेट की बीमारी से पीड़ित थे। गजलों की तरह ही भूपिंदर सिंह की लव स्टोरी भी कमाल की थी। उनकी पत्नी बंगाली थी और वो पंजाबी थे।
1980 के दशक में भूपिंदर सिंह ने बांग्लादेश की हिंदू गायिका मिताली मुखर्जी से शादी की थी। मिताली भी पेशे से सिंगर थी और उनके द्वारा गाए गए बांग्ला गीत को भूपिंदर सिंह ने पहली बार सुना था तो वो सुनते ही रह गए थे। मिताली के गाने की रिकॉर्डिंग भूपिंदर के भाई ने ही की थी।
कुछ समय बाद भूपिंदर ने दोबारा मिताली का गाना दूरदर्शन पर 'आरोही' नाम के एक कार्यक्रम में सुना और उसके बाद से ही मिताली की आवाज के दीवाने हो गए। जब दोनों की पहली मुलाकात हुई तो मिताली ने अपना परिचय देना चाहा, तभी भूपिंदर ने उन्हें रोकते हुए कहा कि ' मैं आपको जानता हूं, मैंने आपके गीत दूरदर्शन पर सुने हैं और मुझे आपकी आवाज बहुत पसंद है।’
भूपिंदर की ये बात मिताली को बहुत पसंद आई। इसके बाद दोनों की दोस्ती हुई और कुछ समय बाद ये दोस्ती प्यार में बदल गई। साल 1983 में दोनों ने शादी कर ली और सात सुरों के हमराही असल जिंदगी में भी हमसफर हो गए। मिताली-भूपिंदर ने मिलकर सैकड़ों लाइव शो किए। उनका एक बेटा निहाल सिंह भी है जो संगीतकार हैं।
'किसी नजर को तेरा इंतजार आज भी है', और 'दिल ढूंढता है फिर वही', जैसे गानों में अपनी आवाज देने वाले भूपिंदर ने अपने करियर की शुरुआत ऑल इंडिया रेडियो से की थी। इसके बाद उन्होंने फेमस सिंगर-म्यूजिशियन आर.डी बर्मन के साथ काम करना शुरू कर दिया। उन्होंने उनके साथ कई फिल्मों में काम किया। बाद में उनका रुझान गजलों की तरफ हो गया इसलिए उन्होंने फिल्मों में गाना कम कर दिया।
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गजल गायक भूपेंदर सिंह का हुआ निधन, फ़िल्मी जगत में शोक की लहर
मशहूर सिंगर भूपिंदर सिंह की 18 जुलाई यानी सोमवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। 82 साल के भूपिंदर पेट की बीमारी से पीड़ित थे। गजलों की तरह ही भूपिंदर सिंह की लव स्टोरी भी कमाल की थी। उनकी पत्नी बंगाली थी और वो पंजाबी थे। 1980 के दशक में भूपिंदर सिंह ने बांग्लादेश की हिंदू गायिका मिताली मुखर्ज
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