Tuesday, 15 September 2026 | 1:23 AM
भारत

गौतमबुद्ध नगर: सभरने लगे गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के दिन, अथॉरिटी जीबीयू को सजाने में लगी

गौतमबुद्ध नगर: सभरने लगे गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के दिन, अथॉरिटी जीबीयू को सजाने मे लगी बीएसपी सुप्रीमो मायावती के ड्रीम प्रॉजेक्ट रहे गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के फिर से दिन बहुरने लगे है। 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीबीयू पहुचेंगे। जबकि, इससे एक दिन पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी गौत
Share:
गौतमबुद्ध नगर: सभरने लगे गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के दिन, अथॉरिटी जीबीयू को सजाने में लगी
Read in your preferred language.

गौतमबुद्ध नगर: सभरने लगे गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के दिन, अथॉरिटी जीबीयू को सजाने मे लगी

बीएसपी सुप्रीमो मायावती के ड्रीम प्रॉजेक्ट रहे गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के फिर से दिन बहुरने लगे है। 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीबीयू पहुचेंगे। जबकि, इससे एक दिन पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में आएंगे। इससे पहले जीबीयू को सजाने-संवारने के लिए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का पूरा अमला दिन-रात जीबीयू में लगा हुआ है। अथॉरिटी किसी भी प्रकार की कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। 

सभी लाइटों को चमकाया जा रहा
जीबीयू के अंदर और बाहर की टूटी सडकों को दुरूस्त किया जा रहा है। स्टीट लाईट से लेकर कैंप की सभी लाइटों को चमकाया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का हार्टीकल्चर विभाग जीबीयू कैंपस में लगे फूल, पौधे, पेड़ और फव्वारों को ठीक कराने में लगा हुआ है। जो पेड़ बड़े हो गए है, उनकी टहनियों की कटिंग की जा रही है। 

अथॉरिटी का स्वास्थ्य विभाग जीबीयू में पड़ा
अथॉरिटी का स्वास्थ्य विभाग सीवर, जल, नालियों की सफाई, मच्छर मार दवा और लार्वा का छिड़काव कराने में लगा हुआ है। जीबीयू के कैंपस और बाहर सड़कों के किनारे टूटे कवर स्टोन को बदल कर नया लगाया जा रहा है। जीबीयू के एंट्री गेटों पर रंग-रोगन हो रहा है। सुबह से लेकर देर रात तक ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के प्रॉजेक्ट विभाग के सभी विभागों के अफसर और कर्मचारियों के साथ जीबीयू में डेरा डाले हुए रहते है। वीवीआईपी गेस्ट हाउस को चमकाया जा रहा है।

रात-दिन जीबीयू के चक्कर काट रहे अफसर
प्रॉजेक्ट विभाग के कामों में लगे ठेकेदार अपने वर्करों को लेकर जीबीयू में लगे हुए है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के एसीईओ से लेकर जीएम तक जीबीयू में चल रहे कार्याें की पल-पल की खबर लेते हैं। रात-दिन जीबीयू का चक्कर लगाकर जीबीयू के चमकाने में जो कमियां रह जाती है, उन्हे ठीक से दुरूस्त करने के निर्देश देकर लौटते है।