Tuesday, 15 September 2026 | 3:23 AM
भारत

फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर 137.05 मीटर पहुंचा, खतरे के निशान से महज 5 सेंटीमीटर दूर

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 22 अगस्त 2026 जनपद में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। सिंचाई विभाग, फर्रुखाबाद द्वारा 22 अगस्त 2026 को जारी जलस्तर रिपोर्ट के अनुसार सुबह 8 बजे गंगा नदी का जलस्तर 137.05 मीटर दर्ज किया गया। गंगा का चेतावनी बिंदु 13
Share:
फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर 137.05 मीटर पहुंचा, खतरे के निशान से महज 5 सेंटीमीटर दूर
Read in your preferred language.

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 22 अगस्त 2026 जनपद में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। सिंचाई विभाग, फर्रुखाबाद द्वारा 22 अगस्त 2026 को जारी जलस्तर रिपोर्ट के अनुसार सुबह 8 बजे गंगा नदी का जलस्तर 137.05 मीटर दर्ज किया गया। गंगा का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर तथा खतरे का निशान 137.10 मीटर निर्धारित है। इस प्रकार गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 5 सेंटीमीटर नीचे है।

रिपोर्ट के मुताबिक गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 45 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता है।

वहीं रामगंगा नदी का जलस्तर सुबह 8 बजे 135.75 मीटर दर्ज किया गया। रामगंगा के लिए भी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर और खतरे का निशान 137.10 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर चेतावनी बिंदु से 85 सेंटीमीटर नीचे है।

नरौरा से 1.34 लाख क्यूसेक से अधिक पानी

सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार नरौरा स्केपिंग से 1,34,584 क्यूसेक पानी गंगा नदी में दर्ज किया गया। वहीं रामगंगा नदी के लिए खो बैराज से 2,760 क्यूसेक, हरैली बैराज से 333 क्यूसेक तथा रामनगर बैराज से 3,715 क्यूसेक पानी छोड़े जाने का उल्लेख है। इनका कुल योग 6,808 क्यूसेक दर्ज किया गया है।

गंगा के जलस्तर के खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंचने के बाद नदी किनारे बसे गांवों में निगरानी और सतर्कता बढ़ाना जरूरी हो गया है। प्रशासन एवं सिंचाई विभाग द्वारा जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से भी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से नदी एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की ओर न जाने की अपील की जा रही है।

फिलहाल गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज 5 सेंटीमीटर नीचे है, जिससे आने वाले घंटों में जलस्तर की स्थिति पर सभी की निगाहें टिकी हैं।