Tuesday, 15 September 2026 | 9:28 AM
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मेडिकल सप्लाई की आड़ में 1 करोड़ की ठगी:यूपी चिकित्सा आपूर्ति निगम का वर्क आर्डर दिलाने का किया था दावा, FIR दर्ज़

लखनऊ के सरोजनीनगर कोतवाली में मेडिकल सप्लाई का काम करने वाली फर्म ने एक करोड़ रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया है। ठग दंपती ने यूपी चिकित्सा आपूर्ति निगम का फर्जी वर्क ऑर्डर दिलाने का दावा करके ठगी की थी। इसी तरह बाजारखाला थाना में नौकरी के नाम पर और महानगर थाना में दरोगा से मदद के नाम
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मेडिकल सप्लाई की आड़ में 1 करोड़ की ठगी:यूपी चिकित्सा आपूर्ति निगम का वर्क आर्डर दिलाने का किया था दावा, FIR दर्ज़
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लखनऊ के सरोजनीनगर कोतवाली में मेडिकल सप्लाई का काम करने वाली फर्म ने एक करोड़ रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया है। ठग दंपती ने यूपी चिकित्सा आपूर्ति निगम का फर्जी वर्क ऑर्डर दिलाने का दावा करके ठगी की थी। इसी तरह बाजारखाला थाना में नौकरी के नाम पर और महानगर थाना में दरोगा से मदद के नाम पर साइबर ठगी का मामला दर्ज हुआ है।

दिल्ली के संचालक की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच
नई दिल्ली पश्चिम विहार निवासी अनिल कुमार कालरा एसटीआरके इंजीनियरिंग के नाम से फर्म चलाते हैं। उनके मुताबिक मई 2022 में आशियाना निवासी पुनीत भसीन से मुलाकात हुई थी। उसने बताया उत्तर प्रदेश सरकार के चिकित्सा आपूर्ति निगम में उसे सप्लाई का टेंडर मिला है।

वह निवेशक तलाश रहा है। करीब एक करोड़ रुपए लगाने पर डेढ़ करोड़ रुपए तक का फायदा होगा। उसकी बातों में आकर उसकी एराइज फर्म के खाते में एक करोड़ रुपए जमा कर दिए। इसके एवज में पुनीत ने उन्हें 50-50 लाख के दो चेक भी दिए थे।

एग्रीमेंट के मुताबिक अगस्त महीने में पुनीत को मुनाफे समेत रुपए लौटाने थे, लेकिन उसने पैसे नहीं दिए। चेक अकाउंट में लगाए जो बाउंस हो गए। छानबीन करने पर पता चला कि पुनीत को यूपी सरकार का टेंडर नहीं मिला है। वहीं, धोखाधड़ी में पुनीत के साथ उसकी पत्नी ऋतु भसीन भी शामिल है। सरोजनीनगर इंस्पेक्टर संतोष आर्य के मुताबिक पीड़ित की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है।

ऑनलाइन जॉब के नाम पर एक फार्मा कंपनी कर्मी से जालसाजों ने 11.17 लाख रुपए ठग लिए। बाजारखाला के तिलक ऐशबाग इलाके में फार्मा कंपनी कर्मी टोनी ने बताया कि 23 जनवरी को उनके पास एक मैसेज आया। मैसेज में ऑनलाइन काम करने पर आमदनी की बात कही गई थी। इसके बाद उनको टेलीग्राम ऐप पर ज्वाइन कराया। इसके बाद उसी ऐप के माध्यम से कुछ ऑनलाइन काम भी कराया गया और फिर जालसाजों ने धीरे-धीरे करके टोनी के एचडीएफसी और उनके भाई के खाते से कई बार 11.17 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए।

इतना बड़ी रकम देने के बाद पीड़ित ने जब जालसाजों से संपर्क करने का प्रयास किया तो जालसाजों ने टेलीग्राम और वॉट्सऐप के नंबर ब्लॉक कर दिए। बाजारखाला कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं महानगर स्थित पुलिस लाइन में दरोगा रामपाल सिंह नेगी से भी साइबर ठगी हो गई।

उन्होंने बताया कि उनके एक परिचित मुकेश के नाम से जालसाज ने मैसेज भेजा और अपने पिता की तबीयत खराब होने की बात कही। इसके बाद पीड़ित के पास तीन अलग-अलग मैसेज आए। पीड़ित ने जब मैसेज को चेक किया तो पता चला कि उनके खाते से तीन बार में 95 हजार रुपए कट चुके हैं।