Monday, 14 September 2026 | 11:46 PM
भारत

फर्रुखाबाद :युवक के साथ मारपीट कर लूट की घटना को दिया अंजाम, पुलिस नहीं कर रही कोई भी कार्यवाही?

युवक के साथ मारपीट कर लूट की गई , मामला पुलिस के पास पहुंचा तो पुलिस टालमटोल करती नजर आयी. और कई दिन बीतने की बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई. दरअसल मामला फर्रुखाबाद जिले के मेरापुर थाना अंतर्गत है. यहां के ग्राम ढर्रा शादी नगर के निवासी रामबरन शाक्य अपने परिवार के भरण पोषण के लिए अपने गांव में ही दूध
Share:
फर्रुखाबाद :युवक के साथ मारपीट कर लूट की घटना को दिया अंजाम, पुलिस नहीं कर रही कोई भी कार्यवाही?
Read in your preferred language.

युवक के साथ मारपीट कर लूट की गई , मामला पुलिस के पास पहुंचा तो पुलिस टालमटोल करती नजर आयी. और कई दिन बीतने की बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई. दरअसल मामला फर्रुखाबाद जिले के मेरापुर थाना अंतर्गत है.
यहां के ग्राम ढर्रा शादी नगर के निवासी रामबरन शाक्य अपने परिवार के भरण पोषण के लिए अपने गांव में ही दूध डेयरी व मिनी बैंक कलेक्शन सेंटर का संचालन करते है.साथ ही उसी कलेक्शन सेंटर पर कुछ डेली नीड्स का सामान भी बेंचते है . यहां आरोप है की गांव के ही दबंग व्यक्ति भगवान दास बीती 11 मई को उनकी दुकान पर आए और रामबरन ने जब अपने पूर्व की उधारी के पैसे मांगे तो भगवानदास आग बबूला हो गए, और भद्दी भद्दी गालियां देते हुए , धमकी दी .

आरोप है की घटनाचक्र के बाद भगवान दास अपने घर गए और कुछ देर बाद उनके घर से सात आठ लोग लाये और दुकान के अंदर घुस मारपीट करने लगे , यहां बिक्री हुए सामन के 50,000 रूपये निकाल लिए, साथ ही पीड़ित ने जैसे तैसे बच बचाकर मोबाइल से वीडियो बनाना चाहा तो मोबाइल छीन लिया और जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए. जब इसकी शिकायत पीड़ित रामबरन ने थाना मेरापुर मीन की तो पुलिस सिर्फ आश्वासन देती रही , और कोई कार्रवाई नहीं हुई ,इसके बाद पीड़ित न्याय के लिए सीओ कायमगंज के पास , कुछ गवाहों के साथ पहुंचा, तो सीओ साहब ने आश्वासन दिया कि तुरंत दबंगों को हिरासत में लिया जाएगा, लेकिन आज 5 दिन हो जाने के बाद भी कोई कार्यवाही ना होता देख रामबरन परेशान है और उसके ऊपर बेवजह का दबाव बनाया जा रहा है कि मामले को रफा-दफा किया जाए. एक तरफ जिले पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा का कहना है किसी भी दबंग को बख्शा नहीं जाएगा , उसके बाद भी दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं . कहीं न कहीं ये हमारे सिस्टम पर सवाल खड़े होते है.