Tuesday, 15 September 2026 | 12:32 AM
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फर्रुखाबाद:खुदाई में मिले भगवान बुद्ध की मूर्तियों के अवशेष

शमशाबाद ब्लॉक के गाँव अलेपुरधौलेश्वर के मजरा मुबारक पुर में एक पुराने खेड़े में मिट्टी की खुदाई के दौरान भगवान बुद्ध की मूर्तियों के खण्डित अवशेष प्राप्त हुए|पहुंचने पर पता लगा कि यह अवशेष कुछ दिनों पहले ही प्राप्त हो चुके थे जब आज पहिचान हुई तब सबके संज्ञान में दिये गये| पता लगते ही मूबारिकपुर के ख
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फर्रुखाबाद:खुदाई में मिले भगवान बुद्ध की मूर्तियों के अवशेष
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शमशाबाद ब्लॉक के गाँव अलेपुरधौलेश्वर के मजरा मुबारक पुर में एक पुराने खेड़े में मिट्टी की खुदाई के दौरान भगवान बुद्ध की मूर्तियों के खण्डित अवशेष प्राप्त हुए|पहुंचने पर पता लगा कि यह अवशेष कुछ दिनों पहले ही प्राप्त हो चुके थे जब आज पहिचान हुई तब सबके संज्ञान में दिये गये|
पता लगते ही मूबारिकपुर के खेड़े के पास बहुतायत में भगवान बुद्ध के अनुयाईयों की भीड़ का तांता लगने लगा|
इस भीड़ में भगवान बुद्ध के अनुयाईयों का संचालन कर्मवीर कामरेड़ कर रहे थे|भगवान बुद्ध की मूर्तियों की जानकारी मुबारक पुर के रामलड़ैते दिवाकर, और राजीव शाक्य पारापुर के द्वारा कर्मवीर कामरेड़ जी के दिशानिर्देशन में सभी लोगों को दी गयी|
रामलड़ैते दिवाकर निवासी मुबारिक पुर पांच भाई रामधनीदिवाकर, रामजीत दिवाकर, रामरतन दिवाकर,और रामकृपाल दिवाकर निवासी मुबारिक पुर हैं| इनमें रामलड़ैते दिवाकर बुद्ध अनुयायी है बाकी चार सनातनी हैं| खेड़े पर सनातन धर्म के मानने वाले बुद्ध के अवशेषों को अन्य मूर्तियों के साथ रखने को तैयार नहीं हैं|क्योंकि वो लोग वहां पर खेड़े वाली देवी के नाम से पूजा अर्चना करते हैं| भगवान बुद्ध की मूर्तियों के अवशेषों को फिलहाल पेशकार शाक्य निवासी अलेपुरधौलेश्वर के पास हिफाजत की दृष्टि से रखवा दी गयी हैं|
कर्मवीर कामरेड़ शाक्य के तथा भिक्षु नागसेन और भिक्षु धम्म कीर्ति के अनुसार भगवान बुद्ध की मूर्तियों को बौद्ध राजा कनिष्क के समय की बताई गई हैं|और भिक्षु नागसेन ने कहा कि मूर्तियों की पूजा अर्चना कर सको तो मूर्तियों को खेड़े पर ही स्थापित करा दिया जाये अन्यथा किया बुद्ध बिहार में स्थापित कराया जाए|


इस खेड़े की जगह का1975 में पट्टों में आवंटन बताया गया है|इसलिए विवाद की स्थिति बनी हुई है|
अत:शासन से आग्रह है कि इस समस्या का निराकरण शीघ्रता शीघ्र कराया जाना चाहिए|
इस मौके पर दर्जनों की संख्या में दूरदराज से भगवान बुद्ध के अनुयायी उपस्थित हुए| जो इस प्रकार हैं|रामलड़ैते उत्तम पपड़ी खुर्द, रामसनेही माथुर पूर्व शिक्षक, डा० फूल सिंह मौर्य शमशाबाद, शिवसरन शाक्य फर्रुखाबाद, भिक्षु पदम गुप्त चिल्सड़ी, कालीचरण शाक्य पचोखरा, गिरीश चन्द्र शाक्य चिल्सड़ी, लालाराम नं०भूपति, कमलेश शाक्य नं०खैरबन्द, अमरसिंह यादव सैदपुर चितौड़, सर्वेश कुमार पचोखरा, अशोक कुमार इमादपुर थमरयी, नरेंद्र सिंह शाक्य ललयी, डा० कृष्ण पाल सिंह शाक्य कायमगंज, अजीत शाक्य नीबलपुर, प्रदीप कुमार शाक्य इमादपुर थमरयी, आदेश कुमार शाक्य ललौर, सरनाम शाक्य इमादपुर थमरयी, राजीव शाक्य मुरली नगर, राहुल मुबारिक पुर, राजीव शाक्य अकबरपुर दामोदर शमशाबाद, सत्य राम मुबारिक पुर, सम्राट चन्द्र शेखर बौद्ध पैथानबड़ी, आदि लोगों के साथ मौके पर पुलिस प्रशासन भी उपस्थित रहा|

रिपोर्ट: वैद्य के०पी० सिंह शाक्य (कायमगंज फर्रुखाबाद)