Monday, 14 September 2026 | 10:46 PM
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फर्रुखाबाद:चौदह दिन में राज को मिली कुपोषण से निजात, जनवरी 22 से दिसम्बर 22 तक 111 बच्चों को कुपोषण से मिली मुक्ति

फर्रुखाबाद ,19 जनवरी 2023 दस माह के राज को उसके पिता राजीव बढ़पुर ब्लॉक के बीबीगंज से डॉ राममनोहर लोहिया चिकित्सालय की ओपीडी में दिखाने आये। जांच में पता चला कि बच्चे कुपोषण का शिकार है। उसको 28 अक्टूबर को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया। भर्ती के समय उसका वजन 5 किलो 645 ग्राम था। जबकि 11 नवंबर
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फर्रुखाबाद:चौदह दिन में राज को मिली कुपोषण से निजात, जनवरी 22 से दिसम्बर 22 तक 111 बच्चों को कुपोषण से मिली मुक्ति
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फर्रुखाबाद ,19 जनवरी 2023 दस माह के राज को उसके पिता राजीव बढ़पुर ब्लॉक के बीबीगंज से डॉ राममनोहर लोहिया चिकित्सालय की ओपीडी में दिखाने आये। जांच में पता चला कि बच्चे कुपोषण का शिकार है। उसको 28 अक्टूबर को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया। भर्ती के समय उसका वजन 5 किलो 645 ग्राम था। जबकि 11 नवंबर को डिस्चार्ज के समय बच्चे का वजन 6 किलो 218 ग्राम हो गयाl
राज के पिता राजीव बताते हैं कि कई अस्पताल के चक्कर काटने के बाद एक दिन मैं लोहिया अस्पताल गया। वहां डॉ विवेक सक्सेना ने बच्चे को देखा। राजीव डॉ विवेक और पूरे स्टॉफ धन्यवाद देते हुए कहते हैं की इन लोगों ने मेरे बच्चे की जान बचा ली। साथ ही बच्चे को 14 दिन एनआरसी में भर्ती के दौरान प्रतिदिन ₹50 दैनिक भत्ता और निशुल्क भोजन भी मिला। बच्चे के प्रत्येक चार बार फॉलोअप के लिए एनआरसी आने पर ₹150 की प्रतिपूर्ति राशि भी प्रदान की जाएगी। राजीव ने सभी से अपील की है की डॉ राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय के पोषण पुनर्वास केंद्र में सभी सुविधाएं निशुल्क हैं। यदि बच्चा अतिकुपोषित हो तो समय रहते ही उसे अवश्य भर्ती करवाएं।
पोषण पुनर्वास केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ विवेक सक्सेना का कहना है कि बच्चा बीमार हो, लगातार दस्त हो, त्वचा खिची हो आंखों में गड्ढे, और कमजोर दिखे तो देर न करें उसे फौरन सरकारी अस्पताल में दिखाएं l उन्होंने बताया कि बच्चों को कुपोषण से निकालने में आहार परामर्शदाता संगीता, स्टॉफ नर्स रीना, सौरभ और आलोक का बहुत बड़ा योगदान होता है l पोषण पुनर्वास केंद्र में आहार परामर्शदाता संगीता ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष अप्रैल 21 से मार्च 21 तक 71 बच्चे भर्ती किए गए जिनमें से 58 बच्चे स्वस्थ हुऐ साथ ही जनवरी 22 से दिसंबर 22 तक 121 बच्चे भर्ती किए गए जिनमें से 111 बच्चे स्वस्थ होकर अपने घर चले गए और सात बच्चों को रेफर किए गए l