Tuesday, 15 September 2026 | 3:53 AM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद:किसान दिवस के अवसर पर भारत रत्न, देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को श्रद्धंजलि अर्पित कर किया नमन।

फर्रुखाबाद,(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 दिसंबर 2024 भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति के जिला उपाध्यक्ष व समाजवादी पार्टी के जिला सचिव नन्दकिशोर दुवे वन्देमातरम नें आज सोमवार को ‘किसान दिवस’ के अवसर पर भारत रत्न ,भारत देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को श्रद्धंजलि अर्पित की और कहा कि किसानों के प
Share:
फर्रुखाबाद:किसान दिवस के अवसर पर भारत रत्न, देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को श्रद्धंजलि अर्पित कर किया नमन।
Read in your preferred language.

फर्रुखाबाद,(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 दिसंबर 2024 भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति के जिला उपाध्यक्ष व समाजवादी पार्टी के जिला सचिव नन्दकिशोर दुवे वन्देमातरम नें आज सोमवार को ‘किसान दिवस’ के अवसर पर भारत रत्न ,भारत देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को श्रद्धंजलि अर्पित की और कहा कि किसानों के प्रति उनके समर्पण को सदैव याद किया जाएगा। नन्दकिशोर दुवे वन्देमातरम नें कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। नन्दकिशोर दुवे वन्देमातरम नें कहा कि वे जीवनभर गांवों और किसानों के विकास के प्रति समर्पित रहे, जिसके लिए सदैव उनका स्मरण किया जाएगा। चौधरी चरण सिंह का जन्म 23 दिसंबर को हुआ था। उनकी जयंती देश में ‘किसान दिवस’ के रूप में मनाई जाती है। उन्होंने किसानों के जीवन और स्थितियों को बेहतर बनाने के लिए कई नीतियों की शुरुआत की थी।

नन्दकिशोर दुवे वन्देमातरम नें कहा कि भारत सरकार ने वर्ष 2001 में चौधरी चरण सिंह के सम्मान में हर साल 23 दिसंबर को किसान दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया था। नन्दकिशोर दुवे वन्देमातरम नें कहा कि भारत रत्न चौधरी चरण सिंह किसानों के ऐसे चैंपियन जिन्होंने सत्ता हाथ में आते ही जमींदारी का खात्मा कर दिया। रातों-रात किसानों को जमीन का मालिक बनाया। चकबंदी कर अलग-थलग पड़े किसानों के खेत एक जगह कर दिए। मंडल कमीशन का गठन कर सामाजिक न्याय की लड़ाई की नींव पुख्ता की। नन्दकिशोर दुवे वन्देमातरम नें कहा कि वह जीवन भर गांव, गरीब, किसान और खेत के लिए लड़े। हालात कभी उनका हौसला तोड़ न सके। बेहतरी की जंग के जज्बे ने उन्हें किसानों का मसीहा बना दिया। इसी पूंजी के बदौलत वह किसानों के दिलों में आज भी बसते हैं। उनके ही पदचिन्हों पर आज देश के सभी नेताओं का चलना चाहिए।