Tuesday, 15 September 2026 | 12:36 AM
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फर्रुखाबाद: आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : डीएम डॉ. अंकुर लाठर

  फर्रुखाबाद:(द दस्तक न्यूज़) 08 मई 2026 जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में आईजीआरएस (IGRS) शिकायतों के निस्तारण एवं उनकी गुणवत्ता की समीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा शिकायतों के निस्तारण की स्थिति, शिकायतकर्ताओं से स
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फर्रुखाबाद: आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : डीएम डॉ. अंकुर लाठर
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक न्यूज़) 08 मई 2026 जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार फतेहगढ़ में आईजीआरएस (IGRS) शिकायतों के निस्तारण एवं उनकी गुणवत्ता की समीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा शिकायतों के निस्तारण की स्थिति, शिकायतकर्ताओं से संवाद, साक्ष्यों के अपलोड तथा फीडबैक की गुणवत्ता की गहन समीक्षा की गई।बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सक्षम अधिकारी स्वयं निस्तारण आख्या का परीक्षण कर उसे पोर्टल पर अपलोड कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक निस्तारण पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण, तथ्यपरक और संतोषजनक समाधान किया जाना आवश्यक है।डीएम ने निर्देश दिए कि प्रत्येक निस्तारण आख्या के साथ आवश्यक साक्ष्य अनिवार्य रूप से संलग्न किए जाएं। इनमें शिकायतकर्ता से वार्ता, स्थलीय निरीक्षण रिपोर्ट तथा शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति में दो पड़ोसियों के बयान भी शामिल हों।जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने वाले अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित न करना गंभीर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे प्रत्येक शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से वार्ता कर उसकी समस्या को समझें और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।बैठक में विभिन्न अधिकारियों की जांच आख्या को उदाहरण स्वरूप पढ़कर उसकी गुणवत्ता की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी अधिकारी द्वारा गुणवत्ताहीन अथवा तथ्यहीन निस्तारण किया गया तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि सहित कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।डीएम ने पिछले एक माह में प्राप्त असंतोषजनक फीडबैक वाले मामलों को चिन्हित करते हुए निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों की पुनः जांच कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाए। राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों के पुनरीक्षण की जिम्मेदारी अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) तथा अन्य विभागीय शिकायतों के लिए मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी गई।उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रतिदिन कार्यालय पहुंचने के बाद सर्वप्रथम IGRS पोर्टल का अवलोकन करें तथा लंबित शिकायतों की समीक्षा कर उनका निस्तारण स्वयं की निगरानी में सुनिश्चित करें। यदि कोई शिकायत संबंधित अधिकारी के कार्यक्षेत्र से संबद्ध नहीं है, तो उसे उसी दिन अथवा अधिकतम अगले दिन संबंधित विभाग को प्रेषित किया जाए।जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी संदर्भ को डिफाल्टर श्रेणी में जाने से कम से कम पांच दिन पहले गुणवत्तापूर्ण एवं स्पष्ट निस्तारण आख्या पोर्टल पर अपलोड कर दी जाए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की लापरवाही से शिकायतकर्ताओं का फीडबैक खराब होगा और जनपद की रैंकिंग प्रभावित होगी, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), उपजिलाधिकारी सदर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।