Tuesday, 15 September 2026 | 12:35 AM
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फर्रुखाबाद:राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान 1 फरवरी से 10,31,724 बच्चों और किशोर किशोरियों को खिलाई जाएगी पेट के कीड़े निकालने की दबा

फर्रुखाबाद ,24 जनवरी 2024 जिले में 1 फरवरी से कृमि मुक्ति अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए दो चरणों में 01 से 19 वर्ष की उम्र तक के 10,31,724 बच्चे व किशोरों को पेट से कीड़े निकालने की दवा खिलाई जाएगी। इसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा, बाल विकास एवम पुष्टाहार विभाग और पंचायती राज विभाग की मदद ली जाएग
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फर्रुखाबाद:राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस अभियान 1 फरवरी से 10,31,724 बच्चों और किशोर किशोरियों को खिलाई जाएगी पेट के कीड़े निकालने की दबा
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फर्रुखाबाद ,24 जनवरी 2024 जिले में 1 फरवरी से कृमि मुक्ति अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए दो चरणों में 01 से 19 वर्ष की उम्र तक के 10,31,724 बच्चे व किशोरों को पेट से कीड़े निकालने की दवा खिलाई जाएगी।
इसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा, बाल विकास एवम पुष्टाहार विभाग और पंचायती राज विभाग की मदद ली जाएगी। अभियान की सफ़लता के लिए समस्त ब्लॉक में अध्यापक एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं एवं आगनवाडी कार्यकत्री को प्रशिक्षण दिया जा रहा है l
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अवनीन्द्र कुमार ने बताया कि स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से एक वर्ष से छह वर्ष तक के बच्चों को दवा दी जाएगी जो आंगनवाड़ी केन्द्र पर पंजीकृत हैं। शिक्षकों के द्वारा स्कूलों में छह से 19 वर्ष तक के किशोरों को दवा खिलाई जायेगी।
उन्होंने ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अंतर्गत हर वर्ष दो बार पेट के कीड़े निकालने वाली दवा खिलाई जाती है। पेट में कीड़े होने के चलते बच्चे और किशोरों में खून की कमी हो जाती है, दरअसल कीड़े पूरा पोषण खा जाते हैं और बच्चे कुपोषण का शिकार होने से एनीमिया के शिकार हो जाते हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत एक से छह वर्ष तक के बच्चों और छह से 19 वर्ष तक के स्कूल न जाने वाले बच्चों और घूमंतु व ईट भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिकों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से एलबेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। इसके अलावा छह से 19 वर्ष तक के स्कूल जाने वाले बच्चों को शिक्षकों के माध्यम से और किशोर जुबेनाइल होम में प्रभारी अधीक्षक के माध्यम से पेट के कीड़े निकालने वाली दवा खिलाई जाएगी।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ दलवीर सिंह ने बताया कि एक से दो वर्ष तक के बच्चों को 200 मिग्रा, यानि आधी गोली व दो से 19 वर्ष तक के बच्चों व किशोरों को 400 मिग्रा, यानि पूरी गोली खिलाई जानी है। छोटे बच्चों को गोली पीसकर दी जानी है जबकि बड़े बच्चे इसे चबाकर खा सकेंगे। किसी भी बच्चे या परिजन को बाद में खाने के लिए नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सर्दी, खांसी, बुखार व सांस लेने में तकलीफ होने पर दवा नहीं दी जाएगी।
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के जनपद सलाहकार चंदन यादव ने बताया कि 01 फरवरी 2024 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर जो बच्चे किसी कारणवश गोली खाने से वंचित रह जाएंगे, उन्हें 05 फरवरी को मॉपअप राउंड आयोजित कर एलबेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। साथ ही बताया कि माह फ़रवरी 2023 में चले अभियान के दौरान 82 प्रतिशत बच्चों ने ही इस दवा का सेवन किया था इस बार सभी 10,31,724 बच्चों को दवा खिलाने का भरसक प्रयास किया जायेगा l उन्होंने बताया कि सीएचसी बरौन के अंर्तगत 83,843, कायमगंज में 1,47,624, कमालगंज में 1,60,233, मोहम्दाबाद में 1,55471, नवावगंज में 90,604, राजेपुर में 1,01,894, शमसाबाद में 1,26,285 और शहरी क्षेत्र में 1,65,770 बच्चों को राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत एलबेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी l