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उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद:राष्ट्रीय कैंसर जागरुकता दिवस आज कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता महत्वपूर्ण

फर्रुखाबाद, 06 नवम्बर 2022 मुंह के कैंसर के मामले अन्य कैंसर की तुलना में सर्वाधिक हैं और इससे आसानी से बचा भी जा सकता है। इसके लिए सिर्फ तंबाकू, गुटखा और सिगरेट आदि धूम्रपान से बचना होगा। यह कहना है अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और एनसीडी के नोडल डॉ दलवीर सिंह का l कैंसर एक जानलेवा बीमारी है लेकिन अगर
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फर्रुखाबाद:राष्ट्रीय कैंसर जागरुकता दिवस आज कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता महत्वपूर्ण
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फर्रुखाबाद, 06 नवम्बर 2022 मुंह के कैंसर के मामले अन्य कैंसर की तुलना में सर्वाधिक हैं और इससे आसानी से बचा भी जा सकता है। इसके लिए सिर्फ तंबाकू, गुटखा और सिगरेट आदि धूम्रपान से बचना होगा। यह कहना है अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और एनसीडी के नोडल डॉ दलवीर सिंह का l
कैंसर एक जानलेवा बीमारी है लेकिन अगर समय से इसका इलाज शुरू हो जाए तो इससे बचा जा सकता है। डॉ. दलवीर ने बताया कि इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हर साल एक नई थीम के साथ 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है। इस दिन के मनाने की घोषणा 7 नवंबर 2014 को तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने की थी। डॉ राममनोहर लोहिया चिकित्सालय में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ नमिता दास ने बताया कि महिलाओं में बच्चेदानी का कैंसर मुख्य होता है। इसके मुख्य कारण ज्यादा बच्चे होना और अनहाइजिन है। इसके लिए भी वैक्सीन आ गई है। सरकार से मिलने पर इस वैक्सीन को सात साल से ऊपर की लड़कियों को इसे लगाया जाता है। ताकि वह इस प्रकार के कैंसर से सुरक्षित रह सके। ब्रेस्ट कैंसर उन माताओं में ज्यादा होता है, जो बच्चों को स्तनपान नहीं कराती हैं।

क्या है कैंसर?
सिविल अस्पताल लिंजीगंज में गैर संचारी रोग के मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात डॉ ऋषि नाथ गुप्ता ने बताया कि कैंसर एक बेहद खतरनाक बीमारी है, जिसका अगर सही समय पर इलाज नहीं किया जाए तो मौत का भी जोखिम बढ़ सकता होता है। कोई भी बीमारी अचानक नहीं होती है। कैंसर हमारे शरीर को धीरे-धीरे अपना शिकार बनाता है और फिर शरीर को बेहद कमजोर कर देता है। शरीर की कोशिकाओं के समूह की असामान्य व अनियंत्रित वृद्धि से कैंसर होता है। अगर इसका समय पर इलाज न कराया जाए तो यह शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकता है। खराब खानपान और गलत जीवनशैली कैंसर जैसी बीमारियों के खतरे को बढ़ावा देती है।

कैंसर के लक्षण
शरीर के किसी अन्य भाग में कड़ापन या गांठ।
एक नया तिल या मौजूदा तिल में परिवर्तन।
कोई ख़राश जो ठीक नहीं हो पाती।
स्वर बैठना या खाँसी ना हटना।
आंत्र या मूत्राशय की आदतों में परिवर्तन।
खाने के बाद असुविधा महसूस करना।
निगलने के समय कठिनाई होना।
वजन में बिना किसी कारण के वृद्धि या कमी।
असामान्य रक्तस्राव या डिस्चार्ज।
थकावट महसूस करना।

कैंसर की रोकथाम
तंबाकू उत्पादों का प्रयोग न करें।
कम वसा वाला भोजन करें तथा सब्जी, फलों और समूचे अनाजों का उपयोग अधिक करें।
नियमित व्यायाम करें।