Monday, 14 September 2026 | 10:43 PM
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फर्रुखाबाद:जीवन अनमोल है, इलाज में लापरवाही न करें; सरकारी अस्पतालों में ही कराएं उपचार- सीएमओ डॉ.आनंद

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 25 जुलाई 2026 मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनंद उपाध्याय ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा है कि स्वास्थ्य के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है। उन्होंने लोगों से बिना जानकारी और सत्यापन के निजी संस्थानों में इलाज कराने से बचने तथा सरकारी
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फर्रुखाबाद:जीवन अनमोल है, इलाज में लापरवाही न करें; सरकारी अस्पतालों में ही कराएं उपचार- सीएमओ डॉ.आनंद
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 25 जुलाई 2026 मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनंद उपाध्याय ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा है कि स्वास्थ्य के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है। उन्होंने लोगों से बिना जानकारी और सत्यापन के निजी संस्थानों में इलाज कराने से बचने तथा सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में ही उपचार कराने का आग्रह किया है।

सीएमओ ने कहा कि कई लोग चिकित्सक की शैक्षिक योग्यता, पंजीकरण और अस्पताल की वैधता की जांच किए बिना ही इलाज शुरू करा देते हैं। कुछ निजी संस्थानों में पर्याप्त संसाधन और मानक सुविधाएं न होने के बावजूद मरीजों से अधिक धनराशि वसूली जाती है। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को पूरी जानकारी प्राप्त करने के बाद ही उपचार का निर्णय लेना चाहिए।

उन्होंने बताया कि जनपद के सरकारी अस्पतालों में प्रशिक्षित विशेषज्ञ चिकित्सक, अनुभवी सर्जन तथा आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन, आपातकालीन उपचार, रक्त की उपलब्धता, आवश्यक जांच, दवाएं और रेफरल जैसी सुविधाएं भी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध कराई जाती हैं। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए सरकारी अस्पताल पूरी तरह सक्षम हैं और मरीजों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

डॉ. आनंद उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मानकों के विपरीत संचालित अस्पतालों और नियमों का उल्लंघन करने वाले चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। विशेष रूप से मसेनी रोड स्थित अस्पतालों की गहन जांच कराई जाएगी और अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सीएमओ ने जनपदवासियों से अपील की कि अपने जीवन और परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। किसी भी बीमारी या आपात स्थिति में निकटतम सरकारी अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) अथवा आयुष्मान आरोग्य मंदिर में ही उपचार कराएं तथा अन्य लोगों को भी प्रमाणित और सुरक्षित चिकित्सा संस्थानों में इलाज कराने के लिए जागरूक करें।