Tuesday, 15 September 2026 | 2:39 AM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद:बैनामे में 20 हजार से अधिक शुल्क ऑनलाइन जमा करने की प्रक्रिया वापस ले सरकार - नन्दकिशोर दुबे वन्देमातरम

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 22 अगस्त 2025 समाजवादी पार्टी के जिला सचिव नन्दकिशोर दुबे वन्देमातरम ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रदेश सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा अचल संपत्तियों के बैनामे (रजिस्ट्री) में 20 हजार रुपये से अधिक पंजीकरण शुल्क को अनिवार्य रूप से ऑन
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फर्रुखाबाद:बैनामे में 20 हजार से अधिक शुल्क ऑनलाइन जमा करने की प्रक्रिया वापस ले सरकार - नन्दकिशोर दुबे वन्देमातरम
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 22 अगस्त 2025 समाजवादी पार्टी के जिला सचिव नन्दकिशोर दुबे वन्देमातरम ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रदेश सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा अचल संपत्तियों के बैनामे (रजिस्ट्री) में 20 हजार रुपये से अधिक पंजीकरण शुल्क को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन जमा कराने का फैसला आम जनता के लिए अत्यंत हानिकारक है।

दुबे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि इस आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और प्रदेश के सभी उपनिबंधक कार्यालयों को नकद शुल्क स्वीकार करने की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि जब सरकार 20 हजार रुपये तक का पंजीकरण शुल्क नगद ले रही है, तो उससे अधिक की राशि भी नगद ली जा सकती है।

★जनता को हो रहा है नुकसान

नन्दकिशोर दुबे ने बताया कि वर्तमान प्रक्रिया में जब किसी कारणवश रजिस्ट्री उसी दिन पूरी नहीं हो पाती, तो पहले से जमा कराया गया ऑनलाइन शुल्क बेकार चला जाता है। इसके बाद उस राशि को वापस पाने के लिए लोगों को कम से कम 4 माह तक इंतजार करना पड़ता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई उपनिबंधक कार्यालयों में कुछ सब-रजिस्ट्रार अतिरिक्त धनराशि लेकर ही 20 हजार से अधिक की नगद फीस स्वीकार करते हैं, जिससे जनता शोषण का शिकार हो रही है।

★सपा का वादा – 2027 में सरकार बनी तो खत्म होगी यह बाध्यता

दुबे ने कहा कि यह निर्णय सरकार के लिए भले लाभकारी हो, लेकिन जनता के लिए नुकसानदेह है। फर्रुखाबाद समेत प्रदेश के सभी जिलों के लोगों को बार-बार पंजीकरण शुल्क जमा करने की समस्या से गुजरना पड़ रहा है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाजवादी पार्टी इस व्यवस्था का कड़ा विरोध करती है और 2027 में प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर इस आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द कर जनता को राहत दी जाएगी।

★“जनता को देना पड़ रहा है अतिरिक्त बोझ”

सपा नेता ने कहा कि मौजूदा समय में अधिवक्ता व दस्तावेज लेखक भी जनता के अनुरोध पर केवल इसीलिए परेशान होते हैं क्योंकि लोग चाहते हैं कि शुल्क नगद जमा हो जाए और काम उसी दिन पूरा हो जाए। ऑनलाइन शुल्क प्रक्रिया के कारण न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि जनता को मानसिक कष्ट भी उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को इस मामले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और आम जनता के हित में इस आदेश को वापस लेना चाहिए।