Monday, 14 September 2026 | 10:44 PM
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फर्रुखाबाद:बराकेशव के किसान नहीं चाहते चकबंदी, फसल रौंदकर नापजोख पर भड़का आक्रोश

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 21 अगस्त 2026 ग्राम पंचायत बराकेशव में चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) फर्रुखाबाद संगठन की बैठक प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद शाक्य के निवास पर आयोजित की गई, जिसमें किसानों की समस्याओं और चकबंदी विभाग की कार्रवाई को लेकर च
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फर्रुखाबाद:बराकेशव के किसान नहीं चाहते चकबंदी, फसल रौंदकर नापजोख पर भड़का आक्रोश
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 21 अगस्त 2026 ग्राम पंचायत बराकेशव में चकबंदी प्रक्रिया को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) फर्रुखाबाद संगठन की बैठक प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद शाक्य के निवास पर आयोजित की गई, जिसमें किसानों की समस्याओं और चकबंदी विभाग की कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई।

बैठक में जिला अध्यक्ष अजय कटियार ने कहा कि ग्राम पंचायत बराकेशव के किसान किसी भी सूरत में चकबंदी नहीं चाहते हैं। इसके बावजूद चकबंदी विभाग द्वारा प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक दिन पूर्व चकबंदी विभाग की टीम द्वारा गांव में किसानों के खेतों में खड़ी फसल को रौंदते हुए नापजोख की गई, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है।

लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण का हवाला

भाकियू नेताओं ने कहा कि बराकेशव ग्राम पंचायत के विभिन्न मजरों की जमीन लिंक एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की जा रही है। इसके अलावा क्षेत्र में औद्योगिक गलियारे के लिए भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। ऐसे में किसानों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में चकबंदी कराने से जमीनों के स्वामित्व और सीमांकन को लेकर भविष्य में जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।

जिला अध्यक्ष अजय कटियार ने सवाल उठाया कि जिन किसानों ने लिंक एक्सप्रेसवे के लिए अपनी जमीन के बैनामे किए हैं, यदि चकबंदी के बाद जमीनों का पुनर्गठन अथवा नाम परिवर्तन होता है तो आगे दोबारा बैनामे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इससे किसानों और प्रशासन दोनों के सामने विरोधाभास की स्थिति पैदा होने की आशंका है।

किसानों ने चकबंदी प्रक्रिया रोकने की मांग उठाई

बैठक में संगठन ने प्रशासन से बराकेशव में चकबंदी प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की। किसान नेताओं का कहना है कि जब क्षेत्र में पहले से ही लिंक एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, तो ऐसी स्थिति में चकबंदी कराने से पहले किसानों की आपत्तियों और भूमि अधिग्रहण की स्थिति को स्पष्ट किया जाना चाहिए।

भाकियू टिकैत ने चेतावनी दी कि किसानों की सहमति और समस्याओं का समाधान किए बिना चकबंदी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई तो संगठन किसानों के साथ मिलकर इसका विरोध करेगा। बैठक में किसानों की भूमि और उनके हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे की रणनीति पर भी चर्चा की गई।