Monday, 14 September 2026 | 11:42 PM
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फर्रुखाबाद:पुलिस की प्रभावी पैरवी से तीन मुकदमों में अभियुक्त दलवीर को सजा।

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 04 जुलाई 2025 उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक लखनऊ के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने के उद्देश्य से प्रभावी पैरवी का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में फतेहगढ़ जनपद की पुलिस टीम, अभियोजन पक्ष एवं कोर्ट पैरोकारों की सतत मेहनत से तीन मामलों मे
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फर्रुखाबाद:पुलिस की प्रभावी पैरवी से तीन मुकदमों में अभियुक्त दलवीर को सजा।
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 04 जुलाई 2025 उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक लखनऊ के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने के उद्देश्य से प्रभावी पैरवी का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में फतेहगढ़ जनपद की पुलिस टीम, अभियोजन पक्ष एवं कोर्ट पैरोकारों की सतत मेहनत से तीन मामलों में एक ही अभियुक्त को दोषसिद्ध कराते हुए न्यायालय से सजा दिलाई गई है। अभियुक्त दलवीर पुत्र स्व. रामचरन शाक्य, निवासी कादरदादपुर थाना कम्पिल जनपद फतेहगढ़, के विरुद्ध विभिन्न आपराधिक धाराओं में तीन अलग-अलग मुकदमे पंजीकृत थे, जिनमें विवेचना उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।

पहला मामला:

मु0अ0सं0: 414/2018,धारा: 307, 34 भा.दं.वि.,वाद सं0: 227/2025 न्यायालय का निर्णय: मा0 एडीजे-09 फर्रुखाबाद ने अभियुक्त को 07 वर्ष के कारावास एवं ₹500 के अर्थदंड से दंडित किया।

दूसरा मामला:

मु0अ0सं0: 418/2018,धारा: 414, 411 भा.दं.वि.,वाद सं0: 226/2025 न्यायालय का निर्णय: अभियुक्त को 03 वर्ष के कारावास एवं ₹1000 के अर्थदंड से दंडित किया गया।

तीसरा मामला:

मु0अ0सं0: 416/2018,धारा: 3/25 आर्म्स एक्ट,वाद सं0: 210/2025

न्यायालय का निर्णय: अभियुक्त को 03 वर्ष के कारावास एवं ₹300 के अर्थदंड से दंडित किया गया।

इन मामलों में एडीजीसी श्री संजीव कुमार मिश्रा, कोर्ट मोहर्रिर मा0का0 चाँदनी, तथा पैरोकार का0 बिवेक कुमार की भूमिका सराहनीय रही। फतेहगढ़ पुलिस की मानीटरिंग सेल एवं अभियोजन टीम ने परिश्रमपूर्वक कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया कि अपराधियों को उनके अपराधों की सजा मिले। यह कार्यवाही न्याय प्रक्रिया में पुलिस की सक्रिय भूमिका को दर्शाती है। फतेहगढ़ पुलिस द्वारा की गई यह प्रभावी पहल अन्य जनपदों के लिए एक प्रेरणा स्वरूप है, जिससे यह संदेश जाता है कि अपराध कर दंड से नहीं बचा जा सकता।