Tuesday, 15 September 2026 | 2:40 AM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद:डायरिया के लक्षणों को न करें नजरअंदाज, ओआरएस और जिंक से बचाई जा सकती है बच्चों की जान- सीएमओ

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 25 जुलाई 2026 बरसात के मौसम में डायरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि डायरिया पांच वर्ष तक के बच्चों में होने वाली गंभीर बीमारियों में शामिल
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फर्रुखाबाद:डायरिया के लक्षणों को न करें नजरअंदाज, ओआरएस और जिंक से बचाई जा सकती है बच्चों की जान- सीएमओ
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 25 जुलाई 2026 बरसात के मौसम में डायरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि डायरिया पांच वर्ष तक के बच्चों में होने वाली गंभीर बीमारियों में शामिल है, लेकिन समय पर पहचान, ओआरएस और जिंक के सही उपयोग से इससे होने वाली अधिकांश जटिलताओं को रोका जा सकता है।

सीएमओ ने बताया कि यदि बच्चे को बार-बार पतले दस्त, उल्टी, तेज बुखार, अत्यधिक प्यास, आंखें धंसना, सुस्ती या शरीर में पानी की कमी जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में बच्चे को तुरंत निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान ले जाकर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। उपचार में देरी बच्चे की स्थिति को गंभीर बना सकती है।

उन्होंने बताया कि डायरिया होने पर बच्चे को लगातार ओआरएस का घोल पिलाते रहना चाहिए तथा डॉक्टर की सलाह के अनुसार 14 दिनों तक जिंक की गोली अवश्य देनी चाहिए। इससे बच्चा जल्दी स्वस्थ होता है और भविष्य में दोबारा डायरिया होने की संभावना भी कम हो जाती है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ओआरएस और जिंक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को डायरिया से बचाव, स्वच्छता और समय पर उपचार के प्रति जागरूक कर रही हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को हमेशा स्वच्छ एवं ताजा भोजन दें, सुरक्षित पेयजल का उपयोग करें तथा भोजन बनाने और खिलाने से पहले एवं शौच के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत अपनाएं। उन्होंने कहा कि डायरिया के लक्षण दिखाई देने पर घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तुरंत सरकारी स्वास्थ्य संस्थान पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज कराएं। समय पर उपचार ही बच्चों को गंभीर स्थिति से सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी उपाय है।