Tuesday, 15 September 2026 | 3:32 AM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद:जिलाधिकारी ने उर्वरक कंपनियों व विक्रेताओं को दिए कड़े निर्देश,ओवर रेटिंग व टैगिंग पर होगी सख्त कार्रवाई।

फर्रुखाबाद,(द दस्तक 24 न्यूज़) 27 जून 2025 जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय उर्वरक समिति की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में उर्वरक आपूर्ति करने वाली कंपनियों के जनपदीय प्रतिनिधियों व थोक विक्रेताओं के साथ खुदरा विक्रेताओं की कार्यप्रणाली पर
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फर्रुखाबाद:जिलाधिकारी ने उर्वरक कंपनियों व विक्रेताओं को दिए कड़े निर्देश,ओवर रेटिंग व टैगिंग पर होगी सख्त कार्रवाई।
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फर्रुखाबाद,(द दस्तक 24 न्यूज़) 27 जून 2025 जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय उर्वरक समिति की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में उर्वरक आपूर्ति करने वाली कंपनियों के जनपदीय प्रतिनिधियों व थोक विक्रेताओं के साथ खुदरा विक्रेताओं की कार्यप्रणाली पर चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उर्वरकों की ओवर रेटिंग और जबरन टैगिंग किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी थोक और खुदरा विक्रेता अपनी दुकानों पर रेट बोर्ड, स्टॉक बोर्ड अवश्य लगाएं और दैनिक बिक्री का विवरण प्रमाणित स्टॉक व बिक्री रजिस्टर में दर्ज करें। यह रजिस्टर जिला कृषि अधिकारी से सत्यापित होना अनिवार्य है।

उन्होंने चेताया कि जिन विक्रेताओं ने अभी तक रजिस्टरों का सत्यापन नहीं कराया है, उन्हें उर्वरक की आपूर्ति नहीं दी जाएगी। यदि किसी थोक विक्रेता द्वारा खुदरा विक्रेताओं को जबरदस्ती अन्य उत्पादों की टैगिंग करने के लिए बाध्य किया जाता है, तो खुदरा विक्रेता को तुरंत जिला कृषि अधिकारी को सूचित करना होगा।

जिलाधिकारी ने विक्रेताओं को निर्देशित किया कि यूरिया व डीएपी की बिक्री केवल कृषकों से भूमि संबंधित कागजात (इंतखाब, खतौनी, जोतवही) एवं फसल जानकारी प्राप्त करने के बाद ही संस्तुत मात्रा में की जाए। साथ ही, हर बिक्री पर पीओएस मशीन से रसीद देना अनिवार्य होगा।

उन्होंने दो टूक कहा कि छापे या जांच के समय यदि किसी विक्रेता के पास प्रमाणित रजिस्टरों में बिक्री का अंकन न पाया गया, रसीद न दी गई या निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य वसूला गया, तो संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कठोर विधिक कार्यवाही की जाएगी।

कृषकों के हित में एक और बड़ा फैसला लेते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि अब निजी उर्वरक कंपनियों द्वारा आपूर्ति की जाने वाली उर्वरकों में से 40 प्रतिशत उर्वरक सहकारी समितियों को प्रदान की जाएगी, जिससे जनपद में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।

उन्होंने कृषकों से अपील की कि वे संस्तुत मात्रा में ही उर्वरक का प्रयोग करें और खरीद के समय रसीद अवश्य लें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जनपद में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और आवश्यकतानुसार पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है यह बैठक जिले में पारदर्शी और किसानहितकारी उर्वरक वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।