Tuesday, 15 September 2026 | 12:38 AM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद:उपनिबंधक कार्यालय में सेंधमारी, लाकर से 4.50 लाख की नकदी चोरी

(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 जुलाई 2025 तहसील सदर स्थित उपनिबंधक कार्यालय में बीती रात चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। चोरों ने रिकॉर्ड रूम में रखे लाकर को तोड़कर उसमें से करीब 4.50 लाख रुपए नकद पार कर दिए। चोरी की यह घटना बुधवार सुबह उस समय उजागर हुई, जब कार्यालय के कर्मचारी रोज़ाना की तरह ड्यूटी पर पहुं
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फर्रुखाबाद:उपनिबंधक कार्यालय में सेंधमारी, लाकर से 4.50 लाख की नकदी चोरी
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(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 जुलाई 2025 तहसील सदर स्थित उपनिबंधक कार्यालय में बीती रात चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। चोरों ने रिकॉर्ड रूम में रखे लाकर को तोड़कर उसमें से करीब 4.50 लाख रुपए नकद पार कर दिए। चोरी की यह घटना बुधवार सुबह उस समय उजागर हुई, जब कार्यालय के कर्मचारी रोज़ाना की तरह ड्यूटी पर पहुंचे और लाकर टूटा हुआ पाया।

घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम सदर मौके पर पहुंचे और प्रारंभिक जांच की। मऊदरवाजा थाना अध्यक्ष बलराज भाटी ने फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि सिर्फ उस लाकर को निशाना बनाया गया जिसमें नकदी रखी थी, जबकि पास में मौजूद अन्य लाकर को छुआ तक नहीं गया। इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि चोरी की घटना में किसी अंदरूनी व्यक्ति की मिलीभगत हो सकती है।

पुलिस को पीछे की दीवार के पास कुछ दबी हुई घास मिली है, जिससे यह आशंका और गहरा गई है कि चोर इसी रास्ते से कार्यालय में दाखिल हुए। पूछताछ में जब सब-रजिस्टार रविकांत यादव से सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि “शाम 5 बजे के बाद कैमरे बंद कर दिए जाते हैं।”

पुलिस को समाचार लिखे जाने तक कोई औपचारिक तहरीर नहीं सौंपी गई है। जानकारी के अनुसार, विभागीय अधिकारी कानपुर से उच्च अधिकारियों के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। उनके निर्देश के बाद ही रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इस बीच, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ संजय सिंह, मऊदरवाजा थाना अध्यक्ष बलराज भाटी के साथ मौके पर पहुंचे और अंदर से बंद दरवाजे को धक्का देकर खुलवाया। हैरानी की बात यह भी है कि बीते वर्ष भी इसी कार्यालय में लाकर से रुपए चोरी हुए थे, लेकिन तब विभागीय कर्मचारियों ने आगजनी का बहाना बनाकर घटना को दबा दिया था और कोई रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराई गई थी। पुनः हुई इस घटना ने उपनिबंधक कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि इस बार प्रशासन क्या सख्त कदम उठाता है।