Tuesday, 15 September 2026 | 3:30 AM
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फर्रुखाबाद:कायमगंज में राष्ट्रीय एकता रैली का भव्य आयोजन, बच्चों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 19 नबम्बर 2025 आज कायमगंज नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर भव्य राष्ट्रीय एकता रैली का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली का शुभारंभ एस.एन.एम. इंटर कॉलेज से हुआ, जो नगर पालिका से होती हुई विद्या मंदिर डिग्री कॉलेज पह
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फर्रुखाबाद:कायमगंज में राष्ट्रीय एकता रैली का भव्य आयोजन, बच्चों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 19 नबम्बर 2025 आज कायमगंज नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर भव्य राष्ट्रीय एकता रैली का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली का शुभारंभ एस.एन.एम. इंटर कॉलेज से हुआ, जो नगर पालिका से होती हुई विद्या मंदिर डिग्री कॉलेज पहुंचकर एक विशाल सभा के रूप में सम्पन्न हुई।

रैली के मार्ग पर जगह-जगह लोगों ने बच्चों पर फूलों की वर्षा कर उनका उत्साहवर्धन किया। पूरे नगर में एकता, सद्भाव और राष्ट्रीय समरसता का संदेश गूंजता रहा।

✦ कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे—ब्रजेश शुक्ला, उपाध्यक्ष, मद्यनिषेध परिषद उत्तर प्रदेश, सांसद मुकेश राजपूत, जिलाध्यक्ष फतेह चंद वर्मा, विधायक डॉ. सुरभि गंगवार, पूर्व विधायक अमर सिंह खटीक, पूर्व राज्य महिला आयोग सदस्य मिथलेश अग्रवाल साथ ही भाजपा के नगर व जिला पदाधिकारी तथा प्रशासनिक अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल रहे।

✦ सरदार पटेल के योगदान पर विस्तृत चर्चा

सभा में वक्ताओं ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, संघर्ष और देश के एकीकरण में उनके अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथियों ने बताया कि सरदार पटेल की दूरदर्शिता और दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही देश को हैदराबाद और आधा कश्मीर समेत बड़ी रियासतों का विलय प्राप्त हुआ।

अपने उद्बोधन में मिथलेश अग्रवाल ने कहा कि यदि सरदार पटेल न होते, तो भारत आज कई हिस्सों में विभाजित होता। उन्होंने 560 से अधिक रियासतों को जोड़कर एक भारत बनाने का कार्य किया। इसके साथ ही वे किसानों के भी बड़े सहयोगी थे —उन्होंने 1942 में को-ऑपरेटिव आंदोलन की सिफारिश की, “अमूल दूध आंदोलन” के जनक के रूप में भी उन्हें जाना जाता है। किसानों पर लगाए जाने वाले अनावश्यक टैक्स हटवाने के लिए उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया।

✦ रैली में देशभक्ति और एकता का संदेश

विद्यालयों के बच्चों द्वारा लगाए गए नारे और तख्तियों ने पूरे नगर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। रैली में राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का मजबूत संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिक्षकों, प्रशासन और स्थानीय नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पूरे कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि भारत की शक्ति उसकी एकता और विविधता में निहित है।