Tuesday, 15 September 2026 | 3:50 AM
उत्तर प्रदेश

इटावा: पत्नी-बच्चों की तलाश में भटकता पीड़ित, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप– आत्महत्या की चेतावनी

इटावा:(द दस्तक 24 न्यूज़) 01 सितम्बर 2025 जनपद के थाना पछायगांव क्षेत्र के सुरेखीपुरा निवासी सुनील कुमार ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित एक प्रार्थना पत्र भेजा है। प्रार्थी ने अपनी पत्नी खुशबू और दो बच्चों के गायब होने की शिकायत दर्ज कराने में पुलिस की लापरवाही और भ्रष्टाचार के गं
Share:
इटावा: पत्नी-बच्चों की तलाश में भटकता पीड़ित, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप– आत्महत्या की चेतावनी
Read in your preferred language.

इटावा:(द दस्तक 24 न्यूज़) 01 सितम्बर 2025 जनपद के थाना पछायगांव क्षेत्र के सुरेखीपुरा निवासी सुनील कुमार ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित एक प्रार्थना पत्र भेजा है। प्रार्थी ने अपनी पत्नी खुशबू और दो बच्चों के गायब होने की शिकायत दर्ज कराने में पुलिस की लापरवाही और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

सुनील कुमार का कहना है कि उसकी पत्नी खुशबू 25 जून 2025 को कुलदीप कश्यप निवासी राजेपुर मंडल, जनपद फर्रुखाबाद के साथ अहमदाबाद चली गई थी। इस दौरान वह अपने साथ दो बच्चे प्रियान्सी व मयंक उर्फ कुन्दन, 68,000 रुपये नकद, तथा सोने-चांदी के जेवरात भी लेकर चली गई। इस घटना की तहरीर थाना पछायगांव में दी गई, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।

पीड़ित का आरोप है कि थाना पछायगांव में तैनात दरोगा अरविन्द कुमार निषाद ने एफआईआर दर्ज करने के नाम पर उससे पहले 10,000 रुपये लिए। इसके बाद कॉल डिटेल और दबिश डालने के बहाने कई बार रुपये ऐंठे। पीड़ित का कहना है कि पिछले दो माह में दरोगा ने लगभग 65,000 रुपये और शराब की बोतलें भी मंगाईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।

सुनील कुमार का आरोप है कि दरोगा ने उससे कहा कि 50,000 रुपये में पत्नी, बच्चे और जेवर वापस दिला देगा, लेकिन बार-बार रुपये लेने के बावजूद न तो कोई दबिश दी गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। अब दरोगा और 20,000 रुपये की मांग कर रहा है। आर्थिक रूप से टूट चुके सुनील कुमार ने अपनी गुहार में लिखा है कि अगर उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या करने को मजबूर होगा। उसने साफ तौर पर कहा है कि इसके लिए इटावा पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होगा। यह मामला न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है, बल्कि पीड़ित की जिंदगी को भी संकट में डाल रहा है। अब देखना होगा कि इस प्रकरण पर प्रशासन किस तरह की कार्रवाई करता है।