Tuesday, 15 September 2026 | 5:39 AM
भारत

इटावा:आलमपुर बिबोली गांव में दबंगों का हमला, 20 हज़ार रुपये लूटे – पीड़ित ने पुलिस से की कार्रवाई की मांग

इटावा:(द दस्तक 24 न्यूज़) 10 अगस्त 2025 जनपद के भरथना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आलमपुर बिबोली गांव में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। गांव के निवासी विकास शाक्य ने थाना जसवंतनगर पुलिस को दिए लिखित प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि गांव के ही करण यादव और उसके साथियों ने उनके साथ मारपीट कर
Share:
इटावा:आलमपुर बिबोली गांव में दबंगों का हमला, 20 हज़ार रुपये लूटे – पीड़ित ने पुलिस से की कार्रवाई की मांग
Read in your preferred language.

इटावा:(द दस्तक 24 न्यूज़) 10 अगस्त 2025 जनपद के भरथना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आलमपुर बिबोली गांव में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। गांव के निवासी विकास शाक्य ने थाना जसवंतनगर पुलिस को दिए लिखित प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि गांव के ही करण यादव और उसके साथियों ने उनके साथ मारपीट कर 20,000 रुपये नकद लूट लिए।

शिकायत पत्र में लगाए गए आरोप

पीड़ित के अनुसार, 07 अगस्त 2025 को वे अपने घर के बाहर थे, तभी आरोपी करण यादव अपने साथियों के साथ वहां आ गया। आरोप है कि आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की, फिर लाठी-डंडों से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाईं। इस दौरान उन्होंने पीड़ित की जेब से 20 हज़ार रुपये निकाल लिए और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।

विकास शाक्य ने शिकायत पत्र में लिखा है कि इस घटना से वे और उनका परिवार भयभीत हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है ताकि आरोपियों को गिरफ्तार कर न्याय दिलाया जा सके।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और मौन

इस घटना को लेकर पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि स्थानीय समाजवादी पार्टी के नेता इस मामले पर चुप हैं। उनका कहना है कि-- 

डॉ नवल किशोर शाक्य (सपा नेता, फर्रुखाबाद)

देवेश शाक्य (सांसद, एटा)

प्रदीप शाक्य बबलू (जिला अध्यक्ष, सपा, इटावा)

—इनमें से किसी ने भी घटना की निंदा नहीं की और न ही पीड़ित परिवार से मिलने गए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इटावा ज़िले में काछी समाज की जमीनों पर कब्ज़ा करने के मामलों में भी कई बार सपाई गुंडों का नाम सामने आया है, लेकिन सपा में राजनीति करने वाले काछी समाज के नेता इस पर हमेशा मौन रहते हैं।

सरकारी कार्रवाई की उम्मीद

प्रदेश में भाजपा सरकार होने के कारण पीड़ित को उम्मीद है कि पुलिस मुकदमा दर्ज करेगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रार्थना पत्र मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

सामाजिक तनाव और कानून व्यवस्था पर सवाल

यह घटना एक बार फिर से इलाके में जातीय तनाव और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रही है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे दबंग और हौसला पाएंगे और निर्दोष लोगों की सुरक्षा खतरे में रहेगी।