एटा।जलेसर क्षेत्र के गांव नगला मीरा नगवाई के किसान नेता महात्मा गांधी और अन्ना हजारे जैसे देशभक्त और समाजसेवियों को सभी जानते थे, एवं उनके साथ आंदोलन किए अपना पूरा जीवन आम लोगों को समर्पित कर दिया। जीवनभर गांधी जी के आदर्शों पर चले और अन्ना हजारे के कई अनशन में उनके साथी रहे। जिन्हें प्यार से लोग दयाराम 'पगला' के नाम से बुलाते थे। जिनका निधन दिन मगलवार की रात हो गया । वो इस देश के ऐसे व्यक्ति थे कि उन्होंने सबसे ज्यादा क्षेत्र की खारे पानी की समस्याओं के लिए आंदोलन किए एवं रजवाओ में पानी आने के संबंध में अनशन पर भी बैठे थे।काका ने बताया कि पागल जी ने अंत समय से एक महीने मुझसे कहा था कि अब मेरे जाने के बाद इस क्षेत्र की समस्या को खत्म करने की अब आपकी की जिम्मेदारी है।ओर में संकल्प लेता हूं कि उनके पद चिन्हों पर चालुगा।एवं तहसील परिसर में उनकी प्रतिमा लगवाने के लिए भी जिले के प्रशाशन से बात करूगा। बताया कि वो हमारे संरक्षक थे उनकी कमी हमेशा खलती रहेगी ऐसे नेता को हम कभी भुला नहीं पाएंगे जिन्होंने अपने जिले की उन्नति के लिए निष्वाथ भाव से जीवन भर सेवा की एवं एक सौ ग्यारह दिन तक भूख हड़ताल की ।और उन्होंने कभी खुर्सी पर बैठने से भी गुरेज रखा।इस दौरान लोगों ऊंचे स्वर में नारा लगाया कि
" एवं सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रीय लोग तथा नेता लोग मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश
एटा: पंचतत्व में विलीन हुए एटा के गांधी किसान नेता सत्याग्रही दयाराम पागल
एटा। जलेसर क्षेत्र के गांव नगला मीरा नगवाई के किसान नेता महात्मा गांधी और अन्ना हजारे जैसे देशभक्त और समाजसेवियों को सभी जानते थे, एवं उनके साथ आंदोलन किए अपना पूरा जीवन आम लोगों को समर्पित कर दिया। जीवनभर गांधी जी के आदर्शों पर चले और अन्ना हजारे के कई अनशन में उनके साथी रहे। जिन्हें प्यार से लोग द
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