Tuesday, 15 September 2026 | 2:24 AM
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गुरुवार को महाराष्ट्र के २०वें मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण किये एकनाथ शिंदे

एकनाथ शिंदे ने गुरुवार की शाम महाराष्ट्र के 20वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। देवेंद्र फडणवीस उप मुख्यमंत्री बने। शपथ के घंटेभर बाद दोनों ने कैबिनेट मीटिंग भी बुला ली। ये सब कुछ महज पांच घंटे के भीतर हुआ। फडणवीस ने कुछ पुरानी बातें कहीं और फिर सीधे हीरो के नाम का ऐलान- ‘एकनाथ शिंदे होंगे महाराष्ट्
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गुरुवार को महाराष्ट्र के २०वें मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण किये एकनाथ शिंदे
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एकनाथ शिंदे ने गुरुवार की शाम महाराष्ट्र के 20वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। देवेंद्र फडणवीस उप मुख्यमंत्री बने। शपथ के घंटेभर बाद दोनों ने कैबिनेट मीटिंग भी बुला ली। ये सब कुछ महज पांच घंटे के भीतर हुआ।
फडणवीस ने कुछ पुरानी बातें कहीं और फिर सीधे हीरो के नाम का ऐलान- ‘एकनाथ शिंदे होंगे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री। भाजपा उनका समर्थन करेगी। सरकार में शामिल भी होगी, लेकिन मैं सरकार से बाहर रहूंगा।
फडणवीस ने जैसे ही सरकार से बाहर रहने की बात कही, भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व सक्रिय हो गया। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि फडणवीस ने बड़ा दिल दिखाया है। अब उन्हें डिप्टी CM का पद स्वीकार करना चाहिए। फिर अमित शाह ने ट्वीट किया कि फडणवीस सरकार में शामिल होने के लिए मान गए हैं। इसके बाद शिंदे की शपथ से ऐन पहले राजभवन में दो की जगह तीन कुर्सियां लगाई गईं।राज्यपाल के फ्लोर टेस्ट के निर्देश के खिलाफ उद्धव सरकार बुधवार को ही आदेश के दो घंटे में पूरी तैयारी के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। 5 बजे सुनवाई शुरू हुई। कोर्ट में महाराष्ट्र सरकार, बागियों के वकील और राज्यपाल की ओर से 3 घंटे 10 मिनट तक दलीलें रखी गईं। कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद अगले 50 मिनट बाद यानी रात 9 बजे फैसला सुनाने की बात कही।9 बजे जैसे ही जज दोबारा बैठे उन्होंने अगले 5 मिनट में राज्यपाल के फैसले पर मुहर लगा दी। कहा- हम फ्लोर टेस्ट पर रोक नहीं लगा रहे। नोटिस जारी कर रहे हैं। सभी पक्ष जवाब दाखिल करें। 30 जून को होने वाले फ्लोर टेस्ट का जो भी परिणाम होगा वह हमारे अंतिम फैसले से बंधा होगा। यानी कोर्ट ने 11 जुलाई की तारीख को सुनवाई की तारीख मुकर्रर की थी, उस दिन अंतिम फैसला होगा

मुंबई से सूरत फिर गुवाहाटी पहुंचा महाराष्ट्र के सियासी संग्राम का कारवां सुप्रीम कोर्ट के फ्लोर टेस्ट के आदेश के बाद 29 जून, रात 8 बजे गोवा पहुंच गया था। सबसे पहले गुवाहाटी के होटल रेडिसन ब्लू में ठहरे शिवसेना के 39 और 11 निर्दलीय समेत अन्य छोटे दलों का कारवां शाम करीब 4 बजे गोवा जाने के लिए 4 बसों से निकला। यहां से ये सभी चार्टर्ड प्लेन से गोवा पहुंचे। यहां उनके लिए 70 से ज्यादा कमरे पहले से बुक थे। उससे पहले एकनाथ शिंदे सुबह सभी विधायकों के साथ कामाख्या देवी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे। इसके बाद उनका गोवा जाना तय हुआ
इधर, कोर्ट में सुनवाई चल रही थी और उधर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कैबिनेट की बैठक बुला ली। उन्होंने बैठक में औरंगाबाद और उस्मानाबाद जिले का नाम बदलने का बड़ा फैसला लिया। इसके कुछ देर बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने एक लाइन में कह दिया कि फ्लोर टेस्ट 30 जून को ही होगा। इसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति अचानक से बदली।
उद्धव मंत्रालय से बाहर निकले और रात 9 बजे फेसबुक लाइव करने का फैसला किया। मकसद साफ था। जनता के बीच अपनी बातें रखना और मुख्यमंत्री की कुर्सी से इस्तीफा देना। वही किया भी। उन्होंने 10 मिनट की बातचीत के बाद इस्तीफे का ऐलान कर दिया। घर गए और सीधे खुद ही ड्राइव कर दोनों बेटों के साथ राजभवचन पहुंचे और राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया।
दोपहर 2 बजे के आसपास बागी गुट के नेता एकनाथ शिंदे 39 शिवसेना और बाकी 11 अन्य विधायकों का समर्थन पत्र लेकर चार्टर्ड प्लेन से सीधे मुंबई उतरे। उनकी सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने पहले ही जेड प्लस सिक्योरिटी तैनात कर रखी थी
शिंदे मुंबई एयरपोर्ट से सीधे फडणवीस के घर पहुंचे और यहां से दोनों नेता राजभवन के लिए निकल गए। यहां नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्यपाल ने दोनों नेताओं को मिठाई भी खिलाई। राजभवन में ही दोनों नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।फडणवीस ने सबसे हैरानी भरा ऐलान किया, कहा- एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री होंगे और मैं कैबिनेट में नहीं रहूंगा। भाजपा हिन्दुत्व के नाम पर उन्हें समर्थन देगी। इसके बाद अचानक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा और अमित शाह का बयान आया कि फडणवीस शिंदे सरकार में डिप्टी सीएम की कुर्सी संभालेंगे। फिर दोनों ने आखिरकार शपथ ली।2 जून 2000 की बात है। एकनाथ शिंदे अपने 11 साल के बेटे दीपेश और 7 साल की बेटी शुभदा के साथ सतारा गए थे। बोटिंग करते हुए एक्सीडेंट हुआ और शिंदे के दोनों बच्चे उनकी आंखों के सामने डूब गए। उस वक्त शिंदे का तीसरा बच्चा श्रीकांत सिर्फ 14 साल का था। एक इंटरव्यू में इस दर्दनाक घटना को याद करते हुए शिंदे ने कहा था, 'ये मेरी जिंदगी का सबसे काला दिन था। मैं पूरी तरह टूट चुका था। मैंने सब कुछ छोड़ने का फैसला किया। राजनीति भी।' इस घटना को 22 साल हो चुके हैं। एकनाथ शिंदे अब महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री हैं।