Monday, 14 September 2026 | 11:46 PM
भारत

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने ‘कोवैक्सीन (Covaxin)' की रिलीज को लेकर सरकार पर साधा निशाना, बोले - भारतीय गिनी पिग नहीं जिन पर हो फेज 3 ट्रायल

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ( Congress MP Manish Tewari) ने बुधवार को भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन ‘कोवैक्सीन (Covaxin)' की रिलीज को लेकर सरकार पर पर सवालिया निशान लगा दिया। उन्होंने कहा कि क्या ये वैक्सीन रिलीज फेज 3 ट्रायल के तहत किया गया है। कांग्रेस नेता ने कहा, 'कोवैक्सीन को सरकार की ओर से इमर
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कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने  ‘कोवैक्सीन (Covaxin)' की रिलीज को लेकर सरकार पर साधा निशाना,  बोले - भारतीय गिनी पिग नहीं जिन पर हो फेज 3 ट्रायल
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कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ( Congress MP Manish Tewari) ने बुधवार को भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन ‘कोवैक्सीन (Covaxin)' की रिलीज को लेकर सरकार पर पर सवालिया निशान लगा दिया। उन्होंने कहा कि क्या ये वैक्सीन रिलीज फेज 3 ट्रायल के तहत किया गया है।

कांग्रेस नेता ने कहा, 'कोवैक्सीन को सरकार की ओर से इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए लाइसेंस दिया गया। अब सरकार कह रही है कि वैक्सीन लेने वालों को इस बात की अनुमति नहीं है कि वो कोवैक्सीन व कोविशील्ड में से विकल्प का चुनाव करें कि कौन सी वैक्सीन का डोज लेना चाहते हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'कोवैक्सीन का फेज 3 ट्रायल पूरा नहीं हुआ, इससे इसकी क्षमता को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।' कांग्रेस नेता ने आगे कहा, 'या तो सरकार को कोवैक्सीन का फेज 3 ट्रायल संपन्न होने के बाद रिलीज किया जाना चाहिए। आपको फेज 3 ट्रायल की तरह वैक्सीन को रिलीज नहीं करना चाहिए क्योंकि भारतीय गिनी पिग (guinea pigs) नहीं है।

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने ट्वीट किया- 'कल तक केंद्र सरकार दावा कर रही थी कि 'कोवैक्सीन'को इमरजेंसी उपयोग के लिए मंजूरी दे दी गई है। आज प्राप्तकर्ता को अपनी पसंद की वैक्सीन लेने की अनुमति नहीं देकर क्या NDA / BJP भारतीयों पर प्रयोग कर रही है? क्या ‘कोवैक्सीन’ का रोल आउट, वास्तव में फेज 3 का ट्रायल है?'

मनीष तिवारी के अलावा कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने भी कोवैक्सीन पर सवाल उठाए हैं और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से इसपर स्पष्टीकरण देने की मांग की है। उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'भारत बायोटेक (Bharat Biotech) प्रथम श्रेणी का उद्यम है लेकिन हैरानी की बात है कि फेज 3 ट्रायल से संबंधित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत प्रोटोकॉल ‘कोवैक्सीन’ के लिए संशोधित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए।'