Tuesday, 15 September 2026 | 11:57 AM
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2024 की तैयारी में अभी से जुटी कांग्रेस, सोनिया ने बनाई समिति

कांग्रेस अब प्रशांत किशोर के सुझाए रास्ते से ही 2024 के महासमर की तैयारी में जुट गई है। कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से बुलाई गई वरिष्ठ नेताओं की बैठक में प्रशांत किशोर ने प्रजेंटेशन दिया है। इसके मुताबिक, कांग्रेस को भाजपा से सीधे तौर पर 370 सीटों पर मुकाबला करने के लिए कमर कसना होगा। बाकी
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2024 की तैयारी में अभी से जुटी कांग्रेस, सोनिया ने बनाई समिति
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कांग्रेस अब प्रशांत किशोर के सुझाए रास्ते से ही 2024 के महासमर की तैयारी में जुट गई है। कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से बुलाई गई वरिष्ठ नेताओं की बैठक में प्रशांत किशोर ने प्रजेंटेशन दिया है। इसके मुताबिक, कांग्रेस को भाजपा से सीधे तौर पर 370 सीटों पर मुकाबला करने के लिए कमर कसना होगा। बाकी सीटों के लिए सही गठबंधन तैयार करना होगा।
यह लगभग तय माना जा रहा है कि पीके को औपचारिक रूप से कांग्रेस में प्रवेश मिलेगा और कुछ फैसले लेने की छूट भी होगी। हाल के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पूरी तरह साफ हो गई। उसके बाद से पार्टी के अंदर सबको एकजुट करने की कवायद तेज हुई है। 2024 के लोकसभा चुनाव और इसी साल होने वाले गुजरात तथा हिमाचल प्रदेश चुनाव के लिए सक्रियता बढ़ी है। इसी कड़ी में सोनिया में जल्दबाजी में वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई।
इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पुराने विश्वस्त दिग्विजय सिंह, मुकुल वासनिक समेत अन्य नेता मौजूद थे। बताते हैं कि लगभग चार घंटे चली बैठक में डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक पीके ने प्रजेंटेशन दिया। कांग्रेस की खामियां बताई। उन्हें कैसे दुरुस्त किया जा सकता है, यह रणनीति समझाई। इसके लिए तैयार रहने को कहा कि लोकसभा की 543 में से 370 सीटों पर खुद ही भाजपा का मुकाबला करना होगा।
जाहिर तौर पर यह फार्मूला तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, राजद के तेजस्वी यादव और दूसरे क्षेत्रीय दलों के उस फार्मूले को कसौटी पर खड़ा करेगा, जिसके तहत यह मांग की जाती रही है कि जो जहां मजबूत है, उसे ही नेतृत्व करने दिया जाए। इसके बजाय यह सुनिश्चत करने की कोशिश होगी कि सबको भागीदारी दी जाए, लेकिन नेतृत्व कांग्रेस करे।
पिछले तीन-चार चुनावों से कांग्रेस लगभग सवा चार सौ सीटों के आसपास लड़ती रही है। 2009 में कांग्रेस 440 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और 206 जीती थी। उसके बाद से इसका प्रदर्शन पस्त रहा है। 2014 और 2019 के चुनावों में कांग्रेस को क्रमश: 44 और 52 सीटें मिली थीं। बताया जाता है कि प्रशांत किशोर ने उसी फार्मूले पर पार्टी की उपस्थिति मजबूत करने का सुझाव दिया है, जैसे 2019 चुनाव से पहले भाजपा ने करीब डेढ़ सौ उन सीटों पर कवायद की, जहां वह कभी चुनाव नहीं जीती थ

सोनिया गांधी ने प्रशांत किशोर के प्रजेंटेशन पर अध्ययन करने के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। बहुत जल्द राजस्थान में पार्टी का ¨चतन शिविर होने वाला है। वहां इस पर मंथन होगा।
प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने की खबर पिछले वर्ष ही आई थी। लेकिन कुछ कारणों से रिश्तों में धूल जमने लगी। उसे साफ कर दिया गया है और बहुत जल्द प्रशांत को जिम्मेदारी के साथ पार्टी में शामिल किया जाएगा। प्रशांत ने भी यही इच्छा जताई है कि वे कांग्रेस की मदद एक पेशेवर के रूप में नहीं करना चाहते हैं।