Tuesday, 15 September 2026 | 2:27 AM
भारत

श्रीराम जन्मभूमि मामले में फैसला आने से पहले आज UP के शीर्ष अधिकारियों से मिलेंगे सीजेआइ

Ayodhya Case Verdict  अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले देश की शीर्ष अदालत भी उत्तर प्रदेश में हर प्रकार की तैयारियों को परखना चाह रही है। इसी क्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई उत्तर प्रदेश के शीर्ष अधिकारियों से भेंट करेंगे। भारत के मुख्य न्यायाधीश
Share:
Read in your preferred language.
Ayodhya Case Verdict अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले देश की शीर्ष अदालत भी उत्तर प्रदेश में हर प्रकार की तैयारियों को परखना चाह रही है। इसी क्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई उत्तर प्रदेश के शीर्ष अधिकारियों से भेंट करेंगे। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई आज उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी, पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलेंगे। वह इन अधिकारियों से भेंट करने के साथ ही अयोध्या के फैसले से पहले की तैयारियों पर चर्चा करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि के विवाद के मामले में अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है। इस फैसले के शीघ्र आने की संभावना के बीच में उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या के साथ ही प्रदेश के हर जिले में सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता करने में लगी है। सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले ही फैसला आना है। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले पर फैसले की घड़ी करीब आ रही है और इसको लेकर पहले से ही हर तरह की तैयारी की जा रही है। अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजार हैं। अयोध्या से सटे जिलों में भी पुलिस मुस्तैद है और किसी भी तरह की घटना से निपटने के लिए खास तैयारी है। केंद्र के साथ राज्य की पुलिस तैयार है। पुलिस मुख्यालय ने सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील 34 जिलों के पुलिस प्रमुखों को भी निर्देश जारी कर दिए हैं। इनमें मेरठ, आगरा, अलीगढ़, रामपुर, बरेली, फिरोजाबाद, कानपुर, लखनऊ, शाहजहांपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर और आजमगढ़ है। अफवाहों और गलत जानकारियों को फैलने से रोकने के लिए सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है। उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि अगर किसी ने कानून व्यवस्था बिगाडऩे की कोशिश की तो उस पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एसएसए) लग सकता है।