Tuesday, 15 September 2026 | 5:24 AM
भारत

सीएम गहलोत-पायलट के बीच शह-मात का खेल जारी: प्रदेश प्रभारी अजय माकन 21 मई को सियासी खींचतान पर करेंगे बात, जानें क्या है वजह

राजस्थान कांग्रेस में वर्चस्व की की लड़ाई अंतिम मुकाम पर पहुंच गई है। प्रदेश की सियासत पिच के दो खिलाड़ी सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच शह-मात का खेल जारी है। कांग्रेस आलाकमान के सख्त निर्देश के बाद बयानबाजी भले ही बंद हो गई हो लेकिन खींचतान कम नहीं हुई है। गहलोत-पायलट खेमों के बीच शह-मात का ख
Share:
Read in your preferred language.

राजस्थान कांग्रेस में वर्चस्व की की लड़ाई अंतिम मुकाम पर पहुंच गई है। प्रदेश की सियासत पिच के दो खिलाड़ी सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच शह-मात का खेल जारी है। कांग्रेस आलाकमान के सख्त निर्देश के बाद बयानबाजी भले ही बंद हो गई हो लेकिन खींचतान कम नहीं हुई है। गहलोत-पायलट खेमों के बीच शह-मात का खेल जारी है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार 21 मई को प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अजय माकन जयपुर आ रहे हैं। इस दौरान माकन दोनों नेताओं से मिलकर सियासी खींचतान पर बात कर सकते हैं। प्रदेश में लंबित राजनीति नियुक्तियों, जिला और ब्लाॅक अध्यक्षों के नियुक्तियों पर विस्तार से चर्चा कर आने वाले दिनों में फैसले का ग्राउंड तैयार कर सकते हैं। राज्य में तीसरी राजनीतिक नियुक्तियों की सूची का इंतजार किया जा रहा है ।

प्रदेश प्रभारी अजय माकन जयपुर के कोटपूतली में 21 मई को आजादी की गौरव यात्रा की सभा को संबोधित करेंगे, हालांकि असली वजह खींचतान मिटाने की कवायद है। माकन सीएम गहलोत-पायलट से मिलकर माहौल को सहज बनाने की कवायद करेंगे। सीएम अशोक गहलोत मुंबई दौरा समाप्त कर राजधानी जयपुर लौट आए है। सीएम गहलोत के एक सप्ताह में दो बार मुंबई दौरे से सियासत के जानकार अचरज में है। आखिर सीएम गहलोत अचानक बार-बार मुंबई क्यों जा रहे हैं? भाजपा का आरोप है कि सीएम गहलोत की कुर्सी खतरे में है। इसलिए मुंबई में जाकर सियासी मैनेज करने में लगे हुए है। सीएम के मुंबई जाने के पीछे वजह कुछ भी रही हो लेकिन, प्रदेश कांग्रेस में अंदरखाने खींचतान बढ़ती जा रही है। कांग्रेस आलाकमान की सख्ती के बावजूद दोनों नेता खामोश है। लेकिन समर्थक एक-दूसरे पर निशाना साध रहे है। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट प्रदेश में सियासी दौरे कर अपने समर्थकों को मुखर होने का संदेश दे रहे हैं।
हाल ही में अजमेर में गहलोत- पायलट समर्थक आमने-सामने हो गए थे। आजादी की गौरव यात्रा का अजमेर में भव्य स्वागत कार्यक्रम के सफल आयोजन की तैयारी को लेकर प्रभारी मंत्री महेंद्र जीत सिंह मालवीया की बैठक में गहलोत-पायलट गुट की खींचतान खुलकर सामने आ गई। पायलट समर्थक कार्यकर्ताओं ने अजमेर में गौरव यात्रा के दौरान सचिन पायलट को बुलाए जाने का प्रस्ताव रखा। जवाब में गहलोत समर्थकों ने भी सीएम अशोक गहलोत को बुलाए जाने का प्रस्ताव रखा। कांग्रेस नेता मुजफ्फर भारती ने पायलट को बुलानी की मांग की। पूर्व विधायक नाथूराम सिनोदिया ने सीएम गहलोत को बुलाने का प्रस्ताव रख दिया। भारती के वोटिंग करने के प्रस्ताव का विरोधी करते हुए सिनोदिया ने कहा कि वोटिंग करवानी है तो भाजपा के खिलाफ करवाई होती। अजमेर में हार का सामना नहीं करना पड़ता। जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के अंत तक होने वाले हैं। कांग्रेस आलाकमान का फोकस राजस्थान पर है। सचिन पायलट ने गुरुवार को नई दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। पायलट से मुलाकात के एक दिन पहले ही सीएम गहलोत सोनिया गांधी से मिले थे। पायलट ने कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात के बाद दिल्ली में प्रेस वार्ता कर कहा था कि राजस्थान कांग्रेस के हालात पर सोनिया गांधी को अवगत कराया गया है। पार्टी 2023 के चुनावों में एक बार जीत हासिल करेगी।