Tuesday, 15 September 2026 | 12:24 AM
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इनकम टैक्स अफसर से एक्ट्रेस बानी कृति के खिलाफ धोखाधड़ी का केस, जाँच जारी

एक्ट्रेस कृति वर्मा किसी वक्त इनकम टैक्स ऑफिसर की नौकरी छोड़कर ग्लैमर की दुनिया में आईं और नाम कमाने लगीं। अब उनके खिलाफ 263 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग केस में जांच शुरू हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने उन्हें तलब किया है। बिग बॉस सीजन-12 और रोडीज में नजर आ चुकी कृति पर धोखाधड़ी करने वाले अ
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इनकम टैक्स अफसर से एक्ट्रेस बानी कृति के खिलाफ धोखाधड़ी का केस, जाँच जारी
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एक्ट्रेस कृति वर्मा किसी वक्त इनकम टैक्स ऑफिसर की नौकरी छोड़कर ग्लैमर की दुनिया में आईं और नाम कमाने लगीं। अब उनके खिलाफ 263 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग केस में जांच शुरू हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने उन्हें तलब किया है।

बिग बॉस सीजन-12 और रोडीज में नजर आ चुकी कृति पर धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों से ताल्लुक रखने के आरोप हैं। आरोप है कि कृति के साथी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से गलत टैक्स रिफंड जारी करने में शामिल रहे हैं। इस मामले में ईडी ने कृति से पूछताछ भी की है।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक ईडी ने पीएमएलए के प्रावधानों के तहत कर्नाटक और महाराष्ट्र में 69.65 करोड़ रुपए और 32 चल और अचल संपत्तियों को कुर्क किया था। इनमें लग्जरी कारें, जमीन और फ्लैट शामिल हैं। ये सभी कृति वर्मा, सारिका शेट्टी, राजेश शेट्टी और अनंत पाटिल के नाम पर हैं।
दरअसल, हरियाणा के गुरुग्राम में कृति वर्मा ने एक प्रॉपर्टी बेची थी। साल 2021 में इसको धोखाधड़ी से कमाए पैसों से खरीदा गया था। इन पैसों (1.18 करोड़) को उन्होंने अपने अकाउंट में जमा कराया था, जिसे बाद में फ्रीज कर दिया गया था। जांच में यह भी मालूम चला कि इसी तरह की कमाई से मिले पैसों से कृति ने पुणे, खंडाला, कर्जत, उडुपी में जमीनें, पनवेल और मुंबई में फ्लैट और तीन लग्जरी गाड़ियां खरीदीं

पिछले साल सीबीआई ने इनकम टैक्स के एक सीनियर टैक्स असिस्टेंट तानाजी मंडल अधिकारी और पनवेल के व्यापारी भूषण अनंत पाटिल के अलावा कई लोगों के खिलाफ फ्रॉड से टैक्स रिफंड जारी करने को लेकर मामला दर्ज किया था।
इसके बाद ईडी ने एफआईआर के आधार पर पीएमएलए के तहत जांच शुरू कर दी। इसमें पाया गया कि अनंत पाटिल के बैंक अकाउंट के अलावा कई अन्य बैंक अकाउंट्स में पैसा ट्रांसफर किया गया था।
जांच के मुताबिक, तानाजी मंडल अधिकारी ने 15 नवंबर 2019 और 4 नवंबर 2020 के बीच 263.95 करोड़ रुपए के 12 फर्जी टीडीएस रिफंड जारी किए गए थे। धोखाधड़ी करके मिला रिफंड का पैसा संबंधित लोगों, पाटिल, संस्थाओं के बैंक अकाउंट के अलावा शेल कंपनियों में भी ट्रांसफर किए गए थे।