Tuesday, 15 September 2026 | 12:36 AM
भारत

जिस घर को FBI ने खंगाला, वहां राष्ट्रपति बनने के बाद 194 दिन बिताए बाइडेन

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के निजी घर से टॉप सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स बरामद हुए हैं। ये साल 2009 से 2017 के बीच के बताए जा रहे हैं। इस दौरान वे बराक ओबामा की सरकार में अमेरिका के उप राष्ट्रपति थे। अब बाइडेन पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने गैरकानूनी तरीके से ये दस्तावेज अपने पास रखे और किसी को इस ब
Share:
जिस घर को FBI ने खंगाला, वहां राष्ट्रपति बनने के बाद 194 दिन बिताए बाइडेन
Read in your preferred language.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के निजी घर से टॉप सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स बरामद हुए हैं। ये साल 2009 से 2017 के बीच के बताए जा रहे हैं। इस दौरान वे बराक ओबामा की सरकार में अमेरिका के उप राष्ट्रपति थे। अब बाइडेन पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने गैरकानूनी तरीके से ये दस्तावेज अपने पास रखे और किसी को इस बात की भनक तक नहीं लगने दी।
बाइडेन का जो घर सवालों के घेरे में है, वह डेलावेयर राज्य के विलमिंगटन शहर में स्थित है। यह बाइडेन के दिल के बेहद करीब है। इसे हमेशा से ही उनका कंफर्ट जोन माना गया है। बाइडेन यहां अपने परिवार के साथ वक्त गुजारने के साथ-साथ ऑफिस का काम भी करते हैं।
अब व्हाइट हाउस ने जानकारी दी है कि सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स घर के गैरेज से बरामद हुए हैं। बाइडेन यहीं अपने पिता की गिफ्ट की हुई कार 1967 शेवरले कॉर्वेट को सहेजकर रखते हैं। कुछ दस्तावेज एक कमरे से भी बरामद किए गए, जिसे बाइडेन अपनी पर्सनल लाइब्रेरी बताते हैं। इसके तीन दिन पहले बाइडेन के वॉशिंगटन स्थित पुराने ऑफिस से भी खुफिया दस्तावेज मिले थे।एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बाइडेन ने 20 जनवरी 2021 में राष्ट्रपति बनने के बाद 722 दिन में से 194 दिन अपने निजी आवास में बिताए हैं। इसमें उनका विलमिंगटन स्थित 'ड्रीम होम' और रेहॉबोथ बीच शहर में स्थित 21 करोड़ रुपए का घर शामिल है। कोरोना लॉकडाउन के वक्त भी वे व्हाइट हाउस छोड़कर विलमिंगटन चले गए थे। यहां तक कि बाइडेन इस वीकेंड भी अपने घर में ही हैं।
2020 में राष्ट्रपति चुनाव से पहले बाइडेन ने अपने कैम्पेन में कहा था- मैंने कहा था कि मैं राष्ट्रपति बनना चाहता हूं, देश के भविष्य के बारे में फैसले लेने में सक्षम होना चाहता हूं, न कि व्हाइट हाउस में रहना चाहता हूं। एक इंटरव्यू के दौरान बाइडेन व्हाइट हाउस में रहने की तुलना सोने के पिंजरे से भी कर चुके हैं।
इतना ही नहीं, रूस-यूक्रेन जंग की शुरुआत में बाइडेन विलमिंगटन जाने की तैयारी कर रहे थे, तब उनके इस रुख की काफी आलोचना हुई थी। इस पर व्हाइट हाउस की पूर्व प्रेस सेक्रेटरी जेन साकी ने कहा था- राष्ट्रपति को कहीं से भी काम करने का हक है। वे किसी भी जगह से सुरक्षित कॉल कर सकते हैं।
बाइडेन का डेलावेयर में अपने घर जाना कोई नई बात नहीं है। 1973 में पहली बार सांसद बनने के बाद से ही वे ये करते आए हैं। दरअसल, चुनाव जीतने के कुछ हफ्ते पहले ही उनकी पहली पत्नी नीलिया और एक साल की बेटी नाओमी की कार एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। पदभार संभालने के लिए जब बाइडेन वॉशिंगटन शिफ्ट हुए, तो अपने दोनों बेटे बीयू और हंटर की देखभाल करने के लिए रोज रात में डेलावेयर में अपने पुराने घर जाने लगे।
अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने बाइडेन के निजी आवास में सुरक्षा के सारे इंतजाम कर रखे हैं। बाइडेन यहां पर खुफिया फाइलों से लेकर सीक्रेट कॉल तक, सब कुछ हैंडल कर सकते हैं। गौर करने वाली बात यह है कि 6,850 स्क्वायर फुट घर के जिस हिस्से में ये व्यवस्थाएं हैं, उसी हिस्से में वह गैरेज है जिससे सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स बरामद हुए हैं।
बाइडेन के घर से बरामद की गईं सीक्रेट फाइल्स की जांच करने के लिए अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने एक स्पेशल काउंसिल को नियुक्त किया है। बाइडेन ने कहा है कि उन्हें नहीं पता इन फाइल्स में क्या है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मानें तो इनमें यूक्रेन, ईरान, ब्रिटेन से जुड़ी कुछ खुफिया जानकारी और 2015 में बेटे बीयू बाइडेन की मौत की जानकारी है।

अमेरिका के क्रिमिनल कोड में सीक्रेट डॉक्यूमेंट्स को गैरकानूनी तरीके से अपने पास रखना या गलत तरीकों से उन्हें कहीं से हटाना अपराध समझा जाता है। बीबीसी के मुताबिक, बाइडेन से जुड़ी फाइल्स के मामले में सजा पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। किसी पर भी मुकदमा दर्ज करने से पहले वकीलों को यह साबित करना होगा कि आरोपी ने दस्तावेज जानबूझकर अपने पास रखे थे।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के डेलावेयर स्थित घर और वॉशिंगटन ऑफिस से 8 साल पुरानी खुफिया फाइलों के 20 सेट मिले हैं। अब उन पर ये बताने के लिए दबाव बनाया जा रहा है कि आखिर क्यों उन्होंने ये फाइल्स सरकारी दफ्तर की बजाय अपने घर में रखीं

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की एक फोटो वायरल हो रही है। यह फोटो इंडोनेशिया के बाली में हुई G20 समिट की है। बुधवार को बाइडेन जब इस समिट में पहुंचे तो उनके हाथ में एक कागज था। इस पर तफ्सील से लिखा था कि उन्हें समिट हॉल में क्या-क्या करना है। मसलन, कहां बैठना है- कब और कितनी देर बोलना है। इतना ही नहीं फोटो सेशन में कहां खड़ा होना है, इसके नोट्स भी बनाकर दिए गए थे।