Tuesday, 15 September 2026 | 2:21 AM
भारत

बरेली - बिल्डिंग के ऊपर से निकल रही 11000 हाई वोल्टेज लाइन की शिकायत काफी समय पहले करने पर आज तक समस्या का समाधान नहीं कर पाया।

आँवला - बिजली विभाग की लापरवाही के चलते जा सकती है कभी भी किसी की भी जान, बिल्डिंग के ऊपर से निकल रही 11000 हाई वोल्टेज लाइन की शिकायत काफी समय पहले करने पर आज तक समस्या का समाधान नहीं कर पाया बिजली विभाग दरअसल मामला अलीगंज क्षेत्र के गांव सत्तारनगर का है जहां मोहन इंस्टिट्यूट आफ नर्सिंग होम एंड पैर
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बरेली - बिल्डिंग के ऊपर से निकल रही 11000 हाई वोल्टेज लाइन की शिकायत काफी समय पहले करने पर आज तक समस्या का समाधान नहीं कर पाया।
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आँवला - बिजली विभाग की लापरवाही के चलते जा सकती है कभी भी किसी की भी जान, बिल्डिंग के ऊपर से निकल रही 11000 हाई वोल्टेज लाइन की शिकायत काफी समय पहले करने पर आज तक समस्या का समाधान नहीं कर पाया बिजली विभाग दरअसल मामला अलीगंज क्षेत्र के गांव सत्तारनगर का है जहां मोहन इंस्टिट्यूट आफ नर्सिंग होम एंड पैरामेडिकल साइंसेज की बिल्डिंग है जिसके ऊपर से 11000 हाई वोल्टेज लाइन निकल रही है वहां पढ़ने वाले बच्चों सहित पूरे स्टाफ को खतरा बना पड़ा है कभी भी 11000 हाई वोल्टेज की चपेट में आने से किसी भी प्रकार की अप्राकृतिक घटना घटित हो सकती है मोहन इंस्टीट्यूट आफ पैरामेडिकल साइंसेज के प्रबंधक शिवदेव मौर्य ने बिजली विभाग के अधिकारियों को काफी समय पहले मामले की लिखित शिकायत दी परन्तु विभाग के अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी शिवदेव मौर्य ने परेशान होकर विद्युत विभाग के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से इस मामले की शिकायत की है शिकायत में कहा है कि संबंधित क्षेत्र के विद्युत विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत कर चुके हैं और दफ्तरों के चक्कर काटते काटते परेशान हैं लेकिन उनकी समस्या पर विभागीय किसी अधिकारी का कोई ध्यान नहीं है अब उनके कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चे बिजली लाइन के भय के कारण ऐडमिशन लेने से भी कतरा रहे हैं ऐडमिशन लेने बाले बच्चों की संख्या में भी इसी समस्या के चलते कमी आई है बच्चों में भय बना हुआ है कि जब तक बिल्डिंग की इन तारों को कॉलेज से अलग नहीं कराया जाएगा तब तक वहां पर जाना किसी खतरे से खाली नहीं है अब देखने वाली बात होगी शिवदेव मौर्य द्वारा उर्जा मंत्री से शिकायत करने के बाद भी विद्युत विभाग के आला अधिकारी कितना मामले को संज्ञान मे लेकर समस्या का समाधान करते हैं ।या फिर उच्चाधिकारियों के आदेश की अवेहलना कर मामले को ठंण्डे बस्ते मे डाल दिया जायेगा।

रिपोर्टर - परशुराम वर्मा