Tuesday, 15 September 2026 | 12:59 PM
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बांदा:आवारा व जंगली पशुओं से फसलों को बचाने में वरदान साबित हो रही है सोलर फेंसिंग योजना

बांदा: 25 फरवरी- आवारा व जंगली पशुओं से फसलों को बचाने में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की सोलर फेंसिंग योजना एक प्रभावी समाधान बनकर उभर रही है। बांदा जिले में किसान अपने खेतों को सोलर फेंसिंग लगवा रहे हैं। जिससे उनकी फसलें अब आवारा व जंगली पशुओं की पहुंच से दूर हो रही हैं और फसलें सुरक्षित हो रही हैं
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बांदा:आवारा व जंगली पशुओं से फसलों को बचाने में वरदान साबित हो रही है सोलर फेंसिंग योजना
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बांदा: 25 फरवरी- आवारा व जंगली पशुओं से फसलों को बचाने में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की सोलर फेंसिंग योजना एक प्रभावी समाधान बनकर उभर रही है। बांदा जिले में किसान अपने खेतों को सोलर फेंसिंग लगवा रहे हैं। जिससे उनकी फसलें अब आवारा व जंगली पशुओं की पहुंच से दूर हो रही हैं और फसलें सुरक्षित हो रही हैं। कहा जाए तो इस तकनीक के सफल कार्यान्वयन के बाद जिले के किसान अब रात में खेतों की रखवाली की चिंता से मुक्त होकर बेहतर पैदावार की उम्मीद कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सोलर फेंसिंग लगवाने पर 80% तक का अनुदान दे रही है। जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ बहुत कम पड़ता है। बांदा जिले में अब तक 102 समितियां ने इसके लिए पंजीकरण और बुकिंग कराई है। यह योजना मुख्य रूप से 10 से 20 हेक्टेयर के क्लस्टर (सामूहिक भूमि) पर लागू की जा रही है। इस फेसिंग में हल्का करंट प्रवाहित होता है जो पशुओं को केवल एक झटका देता है। जिससे वह खेत से दूर भाग जाते हैं। लेकिन इससे उन्हें कोई गंभीर शारीरिक क्षति नहीं पहुंचती है। वही सोलर तार फेंसिंग को लगवाने के लिए किसानों में भी रुचि देखने को मिल रही है। 1500 मीटर सोलर फेंसिंग की कुल लागत 11 लाख 64 हजात 34 रुपये होती है। जिसमें सरकार द्वारा 9 लाख 31 हजार 227 रुपये अनुदान के रूप में दिए जाते हैं। वहीं 2 लाख 32 हजार 807 रुपये कृषक अंश होता है।

उप कृषि निदेशक ए.के. सिंह यादव ने बताया कि किसान भाई इस योजना की अधिक जानकारी या आवेदन के लिए उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जा सकते हैं या अपने नजदीकी राजकीय कृषि बीज भंडार के प्रभारी से संपर्क कर सकते हैं। इन्होंने बताया कि ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया के बाद इस योजना का लाभ लिया जा सकता है। बताया कि इस योजना का बुंदेलखंड क्षेत्र में बहुत महत्व है क्योंकि यहां अन्ना प्रथा से फसलें बर्बाद होती है। वहीं किसानों को भी रखवारी के दौरान आवारा व जंगली पशुओं के हमले का खतरा रहता है। वही सोलर फेंसिंग लग जाने के बाद जहां फसलों की रखवारी की लागत घट गई है तो वहीं किसान भी सुरक्षित है। यह योजना इस क्षेत्र के लिए आने वाले समय में वरदान साबित होगी। इन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में सौर ऊर्जा का बहुत महत्व है।

रिपोर्ट राजकुमार बांदा