Tuesday, 15 September 2026 | 6:49 AM
उत्तर प्रदेश

बहराइच: घाघरा नदी के गोद में समाहित गांव एक किशोर की मौत 500 घर सहित डेढ़ सौ एकड़ कृषि योग्य भूमि नदी में विलीन

बहराइच:  मिहींपुरवा तहसील के ग्राम पंचायत मझरा के तीन पुरवा किसानों की कृषि योग भूमि घाघरा नदी के गोद में समाहित हो गया बताते चलें कि बहराइच जिले के मिहींपुरवा तहसील के अंतर्गत भूमि पंचायत मझरा के कई पुरवा खैरी गौरी, भजौरे गोरी ,तथा दोबा पुरवा, के लगभग 500 किसानों के घर तथा कृषि योग्य भूमि लगभग डेढ़
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बहराइच: घाघरा नदी के गोद में समाहित गांव  एक किशोर की मौत 500 घर सहित डेढ़ सौ एकड़ कृषि योग्य भूमि नदी में विलीन
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बहराइच:  मिहींपुरवा तहसील के ग्राम पंचायत मझरा के तीन पुरवा किसानों की कृषि योग भूमि घाघरा नदी के गोद में समाहित हो गया बताते चलें कि बहराइच जिले के मिहींपुरवा तहसील के अंतर्गत भूमि पंचायत मझरा के कई पुरवा खैरी गौरी, भजौरे गोरी ,तथा दोबा पुरवा, के लगभग 500 किसानों के घर तथा कृषि योग्य भूमि लगभग डेढ़ सौ एकड़ को घाघरा नदी ने निवाला बना लिया हैं । प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 दीन पहले एक किशोर अपने खेत में लगा धान के अधपक्का फसल को काट रहा था तभी अचानक नदी के तेज कटान के वजह से वह नदी में जा गिरा प्रशासन के तरफ से बच्चों को स्ट्रीमर से खोजा गया पर उस किशोर का सुराग नहीं मिला अभी तक कोई जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी जलभराव पर उस परिवार को किसी प्रकार का आश्वासन नहीं दिया गया वहां के किसानों का कहना है कि हम अपने खेतों पर बैंक द्वारा कर्ज लिए है अगर हमारे पास जमीन नहीं है तो हम बैंक का कर्ज कहां से अदा करेंगे हमारी समस्या और मौजूदा सांसद, विधायक, प्रधान आदि जनप्रतिनिधि का हमारे तरफ ध्यान नहीं जा रहा है जबकि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कटान पीड़ितों को कटान से हुई मौत के लिए मुआवजा का प्रविधान वक्त सभी घटना उप जिला अधिकारी सहित राजस्व विभाग के लगभग सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संज्ञान में है देखना है कि शासन प्रशासन द्वारा उक्त ग्राम पंचायत के पीड़ित किसानों एवं मृतक के परिवार वालों के साथ प्रशासन क्या रवैया अपना रही है जो भविष्य के गर्त में है द दस्तक 24 जिला ब्यूरो चीफ बहराइच अनिल कुमार मौर्य