Tuesday, 15 September 2026 | 5:25 AM
उत्तर प्रदेश

पीलीभीत में इमरजेंसी में डॉक्टर से तीमारदारों ने की मारपीट, नहीं पहुंची पुलिस

पीलीभीत में शुक्रवार की रात एक युवक महिला मरीज के साथ उपचार कराने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचा था। जहां इमरजेंसी में बैठे जेआर के साथ तीमारदारों ने बदसलूकी कर दी। शोर शराबा सुनकर पास के कमरा में बैठे डॉक्टर ने मौके पर पहुंचकर समझाने का प्रयास किया तो उक्त लोगों ने उनकी नाक फोड़ दी। सूचना के बाद भी पुु
Share:
पीलीभीत में इमरजेंसी में डॉक्टर से तीमारदारों ने की मारपीट, नहीं पहुंची पुलिस
Read in your preferred language.

पीलीभीत में शुक्रवार की रात एक युवक महिला मरीज के साथ उपचार कराने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचा था। जहां इमरजेंसी में बैठे जेआर के साथ तीमारदारों ने बदसलूकी कर दी। शोर शराबा सुनकर पास के कमरा में बैठे डॉक्टर ने मौके पर पहुंचकर समझाने का प्रयास किया तो उक्त लोगों ने उनकी नाक फोड़ दी। सूचना के बाद भी पुुलिस मौके पर नहीं पहुंची। लहूलुहान हालत में चिकित्सक खुद ही अपने साथियों के साथ कोतवाली पहुंच गए। यहां पर भी पुलिस मेडिकल कराने से कतराती रही। घटना के विरोध में शनिवार को डॉक्टरों ने ओपीडी नहीं की।

शुक्रवार की रात लगभग साढ़े बारह बजे के करीब कुछ लोग महिला का उपचार कराने के लिए पहुंचे थे। महिला के पेट मेें तेज दर्द हो रहा था। इमरजेंसी में डॉ. एसपी सिंह व जेआर डॉ. लवेश अग्रवाल, फार्मासिस्ट सुरेंद्र कुमार, वार्ड बॉय ओमप्रकाश व इंटर्नशिप कर रहे आकाश कुमार की ड्यूटी थी। महिला के साथ आया युवक नशे में धुत था। इस पर जेआर ने पीछे हटकर बात करने को कहा।

इसी दौरान उक्त युवक एंबुलेंस के देरी से आने और अन्य बातों को लेकर जेआर से बदसलूकी करने लगा। शोर शराबा सुनकर पास के कमरे में बैठे डॉ. एसपी सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने युवक को शांत करने का प्रयास किया। तभी मरीज के साथ आए तीमारदार एकत्र हो गए और एक राय होकर चिकित्सक पर हमलावर हो गए। हमले में डॉ. एसपी सिंह की नाक में चोट लगने से वह लहूलुहान हो गए।


मामले की सूचना तत्काल कोतवाली पुलिस को दी गई। बावजूद इसके कोतवाली से घंटों पुलिस मेडिकल कॉलेज नहीं पहुंची। इसके बाद हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद मौके से भाग गए। बाद में चिकित्सक खुद ही लहूलुहान अवस्था में कोतवाली पहुंच गए। इसके बाद कोतवाली पुलिस डॉक्टर का मेडिकल कराने से कतराती दिखाई दी। बाद में फजीहत होने के बाद कोतवाली पुलिस ने डॉक्टर की तहरीर के आधार पर 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

शनिवार को डॉक्टरों ने नहीं की ओपीडी, सुरक्षा मुहैया कराने की मांग
घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के समस्त स्टॉफ ने शनिवार को ओपीडी नहीं की। इससे मेडिकल कॉलेज में उपचार कराने पहुंचे मरीजों को वापस लौटना पड़ा। सिर्फ इमरजेंसी में ही मरीजों को देखा गया। इसके बाद डॉक्टरों ने सुरक्षा व्यवस्था व मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में चौकी खुलवाए जाने की मांग करते हुए प्रभारी प्राचार्य संजीव सक्सेना को ज्ञापन दिया। इसके बाद प्रभारी प्राचार्य ने एसपी से मुलाकात कर सुरक्षा मुहैया कराए जाने की मांग की है।

दोनों पक्ष लगा रहे एक-दूसरे पर आरोप
दूसरे पक्ष के लोग भी स्टॉफ पर अभद्रता का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर व स्टॉफ के द्वारा उनके साथ मारपीट की गई। जिसका वीडियो भी उक्त लोगों के पास है। उक्त लोग भी मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

मरीज जब आया था तो मैं दूसरे कमरे में बैठकर पढ़ाई कर रहा था। शोर शराबा सुनकर बाहर आया तो देखा कि जेआर के साथ कुछ लोग बदतमीजी कर रहे हैं। इस पर बीच बचाव किया तो उक्त लोग हमलावर हो गए। - डॉ एसपी सिंह, ईएमओ

शुक्रवार की देर रात कुछ शरारती तत्वों ने अस्पताल में घुसकर स्टॉफ से बदसलूकी की। इस पर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। सुरक्षा के लिहाज से चौकी बनवाने के लिए पुलिस अधिकारियों से बात कर ली गई है। फिलहाल पुलिस के दो जवान तैनात कर दिए जाएंगे। - संजीव सक्सेना, प्रभारी प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज