अहमदाबाद से 90 किलोमीटर दूर उंझा विधानसभा का वडनगर गांव। PM मोदी यहीं पले-बढ़े हैं। 2017 के चुनाव में कांग्रेस की आशा पटेल यहां से जीती थीं। 2019 में वे BJP में शामिल हो गईं। दिसंबर 2021 में डेंगू से उनकी मौत हो गई। उनके निधन के बाद से ही विधायक की सीट खाली है।
गृह मंत्री अमित शाह के गांव वाली सीट मानसा में BJP दो बार से हार रही है। पिछली बार पाटीदार आंदोलन इसकी बड़ी वजह रहा। ठाकोर वोटर्स कांग्रेस के पक्ष में हैं, लेकिन BJP के कोर वोटर पाटीदार बंट जाते हैं। PM मोदी के गांव वडनगर से मानसा की दूरी करीब 50 किमी है। यहां वडनगर की तरह सिस्टमेटिक डेवलपमेंट शुरू ही नहीं हो पाया है।
आम आदमी पार्टी ने इसुदान गढ़वी को CM फेस बनाया तो देश भर में चर्चा हुई कि आखिर ये शख्स है कौन। AAP ने उन्हें द्वारका जिले में आने वाली जाम खंभालिया सीट से उम्मीदवार बनाया है। वे यहीं के पिपलिया गांव में रहते हैं। इसुदान ने 2015 में डांग और कापरड़ा में पेड़ों की कटाई में हुए 150 करोड़ रुपए के करप्शन का पर्दाफाश किया था। हालांकि, उनके गांव में विकास और करप्शन से ज्यादा बातें जाति की हो रही हैं।
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अमित शाह का गांव बना कांग्रेस का गढ़, रिपोर्ट पढ़िए
अहमदाबाद से 90 किलोमीटर दूर उंझा विधानसभा का वडनगर गांव। PM मोदी यहीं पले-बढ़े हैं। 2017 के चुनाव में कांग्रेस की आशा पटेल यहां से जीती थीं। 2019 में वे BJP में शामिल हो गईं। दिसंबर 2021 में डेंगू से उनकी मौत हो गई। उनके निधन के बाद से ही विधायक की सीट खाली है। गृह मंत्री अमित शाह के गांव वाली सीट मा
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