Tuesday, 15 September 2026 | 12:08 AM
उत्तर प्रदेश

अजब गजब : 4 साल से सोई नहीं है महिला, अजीबोगरीब बीमारी से नरक बन चुकी है ज़िंदगी !

दुनिया में अलग-अलग तरह के लोग हैं, जिन्हें अजीबोगरीब बीमारियां होती हैं. एक 39 साल की पोलिश महिला को भी ऐसी ही दुर्लभ बीमारी है, जिसके चलते उसे 4 साल तक नींद ही नहीं आई. महिला कई साल इस डिसऑर्डर के बारे में नहीं समझ पाई, जिसने उसकी ज़िंदगी को नर्क बना दिया. मालगोरज़ाटा स्लिविंस्का की आंखें थक जाती ह
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अजब गजब : 4 साल से सोई नहीं है महिला, अजीबोगरीब बीमारी से नरक बन चुकी है ज़िंदगी !
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दुनिया में अलग-अलग तरह के लोग हैं, जिन्हें अजीबोगरीब बीमारियां होती हैं. एक 39 साल की पोलिश महिला को भी ऐसी ही दुर्लभ बीमारी है, जिसके चलते उसे 4 साल तक नींद ही नहीं आई. महिला कई साल इस डिसऑर्डर के बारे में नहीं समझ पाई, जिसने उसकी ज़िंदगी को नर्क बना दिया.

मालगोरज़ाटा स्लिविंस्का की आंखें थक जाती हैं और वे तेज़ सिरदर्द का शिकार हो जाती हैं, क्योंकि कई रातों तक उन्हें बिल्कुल नींद ही नहीं आती. उनके शरीर में ये विकार अचानक पैदा हुआ और धीरे-धीरे उनकी पूरी ज़िंदगी को बर्बाद करने लगा. न सिर्फ सेहत बल्कि उनकी पारिवारिक ज़िंदगी को भी इस बीमारी ने काफी नुकसान पहुंचाया.

सेहत और सामाजिक ज़िंदगी का नुकसान
मालगोरज़ाटा स्लिविंस्का बताती हैं कि उनकी इस बीमारी की वजह से उनकी आंखें जलने लगती हैं और सूख जाती हैं, जबकि थकान भी बहुत लगती है. उनकी शॉर्ट टर्म मेमोरी पूरी तरह खत्म हो चुकी है और वे बेवजह ही रोने लगती हैं. बीमारी ने उनकी सेहत को नुकसान पहुंचाया है और उनकी नौकरी भी छुड़वा दी है. इलाज में उनकी जमा-पूंजी खर्च हो चुकी है, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ. उनके पति और बेटे के साथ भी उनके रिश्ते बिगड़ने लगे हैं. मालगोरज़ाटा की ये बीमारी साल 2017 में शुरू हुई थी. जब वे स्पेन से छुट्टियां बिताकर वापस आए, तब से ही उनकी नींद गायब हो गई

4 साल बाद बीमारी का पता चला
मालगोरज़ाटा ने बहुत सी तरकीबें अपनाईं, लेकिन उन्हें नींद नहीं आती थी. जब उन्होंने नींद की गोलियां लीं, तो कुछ घंटे तो वे सो जाती थीं, लेकिन उनकी सेहत गिरने लगी. इसके बाद उन्होंने मनोचिकित्सा का सहारा लिया और नींद की गोली लेने के बाद उन्हें नशे की लत लगने लगी. जैसे ही ये दवाइयां बंद हुईं, मालगोरज़ाटा 3 हफ्ते तक सो नहीं पाईं. आखिरकार उन्हें पोलैंड के लिए एक डॉक्टर से पता चला कि उन्हें सोमनिफोबिया है. अब उनकी दवाइयों से मालगोरज़ाटा हफ्ते में 2-3 रातें सो पाती हैं. इसके अलावा वे योग और व्यायाम का सहारा ले रही हैं और पार्ट टाइम जॉब भी शुरू कर दी है.