Tuesday, 15 September 2026 | 12:22 AM
उत्तर प्रदेश

अजब गजब:खूंटे से बंधे-बंधे दुनिया की सैर कर लेगी गाय, वैज्ञानिकों ने कर दिखाया चमत्कार

चाहे इंसान हों या जानवर, दोनों को ही एक जगह पर कैद रखा जाए तो उनकी खुशी खत्म हो जाती है और स्वभावत: दुखी रहने लगते हैं. इसका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है. वैज्ञानिकों ने इसका तोड़ निकालते हुए एक ऐसी तकनीक तैयार की है, जिससे गायें खूंटे पर बंधे-बंधे ही हरे-भरे मैदानों की सैर कर आएंगी. रुस की राजधान
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अजब गजब:खूंटे से बंधे-बंधे दुनिया की सैर कर लेगी गाय, वैज्ञानिकों ने कर दिखाया चमत्कार
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चाहे इंसान हों या जानवर, दोनों को ही एक जगह पर कैद रखा जाए तो उनकी खुशी खत्म हो जाती है और स्वभावत: दुखी रहने लगते हैं. इसका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है. वैज्ञानिकों ने इसका तोड़ निकालते हुए एक ऐसी तकनीक तैयार की है, जिससे गायें खूंटे पर बंधे-बंधे ही हरे-भरे मैदानों की सैर कर आएंगी.

रुस की राजधानी मॉस्को के वैज्ञानिकों ने गायों के लिए एक चमत्कारी हेडसेट तैयार कर लिया है, जिससे वे बाड़ में बंधे-बंधे ही बाहर घूमने की खुशी हासिल कर सकेंगी. हेडसेट पहनते ही वे हरे-भरे मैदान में घूमने और चरने का एहसास कर सकेंगी और खुश हो जाएंगी. इतना ही नहीं, इससे उनकी दूध देने की क्षमता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

हेडसेट पहनते ही बदल जाएगी दुनिया
यूं तो रशियन वैज्ञानिकों ने ये वर्चुअल रियलिटी हेडसेट साल 2019 में ही तैयार कर लिया था, लेकिन 2 साल बाद इसे तुर्की के एक पशुपालक इज्ज़ेक कोकक ने अपनी गायों पर इस्तेमाल किया है.इस प्रयोग के बाद इज्ज़ेक की गायों की दूध देने की क्षमता पर काफी अच्छा प्रभाव पड़ा है. वे जहां पहले 22 लीटर दूध देती थीं, अब 27 लीटर दूध देने लगी हैं. इज्ज़ेक को इस प्रयोग से जो नतीजा मिला, वे उससे काफी खुश हैं और उन्होंने 10 और हेडसेट अपनी गायों के लिए मंगाया है. इज्ज़ेक के मुताबिक गायों को वर्चुअल रियलिटी सेट के ज़रिये हरे-हरे मैदान दिखते हैं और वे भावनात्मक रूप से खुश हो जाती हैं.

गायों को खुश करने के और भी तरीके
इज्ज़ेक को इस वर्चुअल रियलिटी हेडसेट से तो फायदा हुआ ही है, इससे पहले भी उसने अपने जानवरों को खुश रखने के और भी तरीके अपनाए हैं. उसने अपनी गायों को शास्त्रीय संगीत सुनाकर खुश किया था, जिससे उनकी दूध देने की क्षमता बढ़ी थी. रूस के कृषि मंत्रालय का कहना है कि उन्हें नीले और हरे रंगों के बजाय लाल रंग ज्यादा पसंद है, जिससे उनका तनाव कम होता है. लोगों ने इस प्रयोग की तुलना फिल्मों से भी की है और कहा है कि ये इंसानों के वर्चुअल रियलिटी में रहने जैसा ही है