लोकसभा में बजट का विरोध करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मैं विपक्ष के बाकी साथियों के साथ हूं. उन्होंने कहा कि ये बजट टारगेटेड बजट है. ये बजट फोकस्ड है. ये बजट उन लोगों के लिए है जो बहुत संभल है, बड़े लोग हैं और उद्योगपति हैं. उनके लिए ये बजट बना हुआ है. जो बात कही जा रही है कि बजट भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए है, मुझे इसमें कोई रोडमैप नहीं दिखाई देता है. इसलिए जैसे ही बजट आया, हम लोगों ने वो तस्वीरें देखीं, जिनमें दिख रहा है कि हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां. 10 बजट इसके लिए ही बनाए गए थे, जब 11वां आएगा तो पूरा देश और दुनिया ये देखेगी हथकड़ी और बेड़ियां लगाकर भारत लौटाए गए. लोकसभा में जब अखिलेश यादव बोल रहे थे तो उनके पीछे डिंपल यादव बैठीं थीं. फिर अचानक से वह पीछे से उठकर निकल गई. लोकसभा में अखिलेश यादव के बोलने के दौरान डिंपल यादव को हेडफोन से सुनने में दिक्कत हो रही थी. एक से दो बार उन्होंने कोशिश की पर जब अखिलेश यादव जो बोल रहे थे वह हेडफोन पर साफ-साफ नहीं सुना दे रहा था तो वह पीछे से उठ कर चली गईं. इसके बाद वह लोकसभा की दूसरी लाइन में जाकर बैठ गईं. जहां से उन्होंने अखिलेश यादव का पूरा भाषण सुना.
भारत
लोकसभा में गरज रहे थे अखिलेश यादव, तभी पीछे बैठीं डिंपल यादव उठकर चलीं गईं, आखिर क्यों?
लोकसभा में बजट का विरोध करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मैं विपक्ष के बाकी साथियों के साथ हूं. उन्होंने कहा कि ये बजट टारगेटेड बजट है. ये बजट फोकस्ड है. ये बजट उन लोगों के लिए है जो बहुत संभल है, बड़े लोग हैं और उद्योगपति हैं. उनके लिए ये बजट बना हुआ है. जो बात कही जा रही है कि बजट भारत को विकसित राष
Read in your preferred language.