तृणमूल कांग्रेस से जुड़े मामले में निर्वाचन आयोग के फैसले पर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि आयोग के फैसले लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने वाले होने चाहिए.
इस मामले पर टिप्पणी करते हुए यादव ने कहा, 'अगर निर्वाचन आयोग ऐसे फैसले लेता है, जिनसे लोकतांत्रिक मूल्य मजबूत होते हैं, तो इससे उसकी प्रतिष्ठा और गरिमा बढ़ेगी.'
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'इस बारे में और कुछ कहने की जरूरत नहीं है. बस इतना पूछा जाना चाहिए कि क्या निर्वाचन आयोग को हमारे द्वारा सौंपे गए हलफनामे प्राप्त हुए थे?'
यादव की पार्टी ने कई हलफनामे निर्वाचन आयोग को सौंपे हैं, जिनमें मतदाता सूचियों और चुनावों में कथित अनियमितताओं की ओर इशारा किया गया है.
TMC पर क्या है चुनाव आयोग का फैसला?
बता दें निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्रों में छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में पार्टी के नाम और ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया.
आयोग ने इन उपचुनावों के लिए ईवीएम से तृणमूल कांग्रेस का नाम और ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न भी अस्थाई रूप से हटाने का फैसला किया.
उसने दोनों गुटों को शुक्रवार को पूर्वाह्न 11 बजे तक अपनी पसंद का पार्टी नाम और चुनाव चिह्न सौंपने का भी निर्देश दिया.
निर्वाचन आयोग ने ममता बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले दोनों गुटों के नेताओं का पक्ष सुनने के बाद बृहस्पतिवार रात जारी अपने अंतरिम आदेश में कहा कि इस मामले में ‘चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश 1968’ के प्रावधानों के तहत आयोग की ओर से ठोस निर्णय लिए जाने की आवश्यकता है.
आयोग ने कहा कि फैसला होने तक कोई भी गुट तृणमूल कांग्रेस के नाम या पार्टी को आरक्षित ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं कर सकता.
उसने कहा कि दोनों गुटों को 18 सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजे तक अपनी पसंद के तीन नाम और तीन उपलब्ध चुनाव चिह्न जमा करने होंगे.
तृणमूल कांग्रेस में दो विरोधी गुट - EC
इस घटनाक्रम को ममता के लिए झटके के रूप में देखा जा रहा है, जिनका हाथ से बनाया गया ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न 1998 में पार्टी की स्थापना के बाद से ही उसकी पहचान रहा है.
अंतरिम आदेश में कहा गया है, 'रिकॉर्ड पर मौजूद सभी जानकारियों पर ठीक से विचार करने के बाद... आयोग का मानना है कि तृणमूल कांग्रेस में दो विरोधी गुट हैं, जिनमें से एक का नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही हैं और दूसरे की कमान अरूप रॉय संभाल रहे हैं.'
इसमें कहा गया है, 'अब हर गुट खुद के असली तृणमूल कांग्रेस होने का दावा कर रहा है, इसलिए चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के पैराग्राम 15 के तहत आयोग को इस मामले पर ठोस फैसला लेना होगा.'
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तृणमूल कांग्रेस पर निर्वाचन आयोग के फैसले पर अखिलेश यादव ने कसा तंज
तृणमूल कांग्रेस से जुड़े मामले में निर्वाचन आयोग के फैसले पर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि आयोग के फैसले लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने वाले होने चाहिए.
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